भारत की 10 खतरनाक हसीनाएं, कोई दूध बेचते-बेचते बन गई ड्रग्स की रानी तो कोई कहलाई जुर्म की 'आपा'
India Dangerous Women Gangsters: जब भी हम अपराध और अंडरवर्ल्ड की बात करते हैं, तो अक्सर नाम दाऊद इब्राहिम या छोटा शकील जैसे मर्दों का ही लिया जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भारत के अपराध जगत में कई ऐसी महिलाएं भी हैं, जिन्होंने अपने शातिर दिमाग के बल पर अपना दबदबा बनाया।
ये महिलाएं भले ही सुर्खियों में न रही हों, लेकिन उनके कारनामे साबित करते हैं कि अपराध के इस खेल में उनकी जगह कितनी खास थी। चलिए, जानते हैं भारत और कुछ इंटरनेशनल महिला गैंगस्टर्स की कहानियां...

रेशमा मेमन और शबाना मेमन - ब्लैक फ्राइडे की मास्टरमाइंड (Reshma Memon and Shabana Memon)
रेशमा और शबाना, कुख्यात टाइगर मेमन की पत्नी और भाभी थीं। ये दोनों मुंबई ब्लास्ट (ब्लैक फ्राइडे) में शामिल थीं और अपराध जगत में उनकी पहचान एक घातक ताकत के रूप में हुई। दोनों बहनें कथित रूप से हाजी मस्तान और बाद में दाऊद इब्राहिम के गिरोह से जुड़ीं। उन्होंने 1980-90 के दशक में मुंबई में चल रही तस्करी और अवैध गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। आज ये इंटरपोल की नजरों में हैं और माना जाता है कि ये कराची में छिपी हुई हैं।
क्रिमिनल लाइफ
- ये दोनों बहनें हवाला और सोने की तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा थीं।
- इनका नाम जुर्म के कई बड़े मामलों से जोड़ा गया।
- मुंबई बम धमाकों में इनकी कथित भागीदारी ने इनका नाम सुर्खियों में लाया।
अर्चना बालमुकुंद शर्मा - किडनैपिंग क्वीन (Archana Balmukund Sharma - Kidnapping Queen)
अर्चना को "किडनैपिंग क्वीन" कहा जाता था। वह 2000 के दशक में अपने अपराधिक कारनामों के लिए चर्चित हुईं। मुंबई में फिल्मों में काम करने आई मिडिल क्लास लड़की अर्चना जल्द ही जुर्म की दुनिया में कदम रख बैठी। बबलू श्रीवास्तव गैंग की सदस्य अर्चना ने अपहरण और जबरन वसूली के कई मामलों को अंजाम दिया। कहा जाता है कि वह अब विदेश में छुपी हुई है और वहीं से गिरोह चला रही है।
क्रिमिनल लाइफ
- अर्चना पर आरोप था कि उसने धनाढ्य व्यापारियों और उनके बच्चों का अपहरण कर फिरौती वसूली।
- उसने कई घटनाओं में सीधा नेतृत्व किया और पुलिस के हाथों से बचने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया।
समायरा जुमानी - अबू सलेम की पूर्व पत्नी (Samaira Jumani - Abu Salem Ex-wife)
अबू सलेम की पूर्व पत्नी समायरा जबरन वसूली, बम धमाकों और धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल थी। आज भी वह अमेरिका में छुपी हुई है और पुलिस की वांछित सूची में है।

क्रिमिनल लाइफ
- समायरा का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के कई आपराधिक मामलों से जोड़ा गया।
- उसने कथित तौर पर अबू सलेम के वित्तीय मामलों में मदद की और अवैध संपत्तियों को मैनेज किया।
बेला आंटी - अवैध शराब की महारानी (Bella Aunty - Illicit Liquor Queen)
1970 के दशक में शराबबंदी के दौरान, बेला ने धारावी की झुग्गियों से अपना अवैध कारोबार शुरू किया। मुंबई के डॉन भी उसे रोकने में नाकाम रहे। उसकी ताकत इतनी थी कि वह पुलिस और अधिकारियों को भारी रिश्वत देकर अपना कारोबार चलाती रही।
हसीना पारकर - जुर्म की 'आपा' (Haseena Parkar - The "Aapa" of Crime)
दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना ने भाई के देश छोड़ने के बाद मुंबई का अपराध नेटवर्क संभाल लिया। फिल्मों के ओवरसीज राइट्स, केबल व्यवसाय और हवाला कारोबार से उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई। उसके खिलाफ 88 मामले दर्ज थे, लेकिन अदालत में केवल एक बार पेश हुई।

क्रिमिनल लाइफ
- हसीना ने मुंबई में दाऊद के साम्राज्य को मैनेज किया और प्रॉपर्टी डीलिंग व अवैध उगाही में सक्रिय भूमिका निभाई।
- 2014 में उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन वह अपने भाई के जुर्म की दुनिया में एक अहम कड़ी बनी रही।
सीमा परिहार - डाकुओं की नेता (Seema Parihar)
सीमा का अपहरण 13 साल की उम्र में हुआ था और वह डाकुओं की गैंग की नेता बन गई। उसने राजनीति में कदम रखते हुए समाजवादी पार्टी जॉइन की। बीहड़ों की यह डाकू रानी कभी खौफ का दूसरा नाम थी।
क्रिमिनल लाइफ
- सीमा ने चंबल के बीहड़ों में एक दशक से अधिक समय तक राज किया।
- वह अपहरण, हत्या और लूटपाट जैसे अपराधों में शामिल रही।
- बाद में उसने आत्मसमर्पण कर दिया और राजनीति में कदम रखा।
फूलन देवी - बैंडिट क्वीन (Phoolan Devi - Bandit Queen)
फूलन देवी चंबल घाटी की सबसे खतरनाक डाकुओं में से एक थीं। उन्होंने अपने साथ हुए अत्याचारों का बदला लिया और बाद में राजनीति में आकर संसद तक पहुंचीं। बेहमई कांड में ठाकुरों के नरसंहार की घटना ने उन्हें हमेशा के लिए कुख्यात बना दिया। बैंडिट क्वीन ने एक साथ 21 लोगों को लाइन में खड़ा कर मौत की सजा सुना दी।

क्रिमिनल लाइफ
- चंबल की घाटियों में फूलन देवी ने 1970-80 के दशक में डकैतों के गिरोह का नेतृत्व किया।
- उसने बेहमई गांव में सामूहिक हत्या (बेहमई नरसंहार) को अंजाम दिया।
- 1983 में उसने आत्मसमर्पण किया और बाद में राजनीति में प्रवेश किया।
- 2001 में उसकी हत्या कर दी गई।
मैडम माया - लॉरेंस बिश्नोई की खास सदस्य (Madam Maya - Lawrence Bishnoi Gang Lady Don)
सीमा उर्फ रेणु, जिसे 'मैडम माया' कहा जाता है, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करती थी। वह जेल में बंद गैंगस्टर्स को संदेश पहुंचाने और फिरौती वसूलने का काम करती थी।

'मैडम माया' पर लॉरेंस आंख मूंदकर भरोसा करता रहा। गुजरात की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस अपने गुर्गों तक संदेश पहुंचाने के लिए भी मैडम माया का इस्तेमाल करता था।
संतोकबेन जडेजा - गुजरात की गॉडमदर (Santokben Jadeja-Gujarat Godmother)
अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए संतोकबेन ने अपना गैंग बनाया और पोरबंदर पर राज किया। वह राजनीति में भी सक्रिय थीं और विधायक बनीं। उनके जीवन पर आधारित फिल्म गॉडमदर भी बनाई गई। गुजरात पुलिस उन्हें पोरबंदर की "अंडरवर्ल्ड क्वीन" कहती थी। लेकिन संतोकबेन जडेजा के राजनीतिक संबंध बहुत मशहूर हैं।

आखिरकार, वे पोरबंदर के पास कुटियाना से कांग्रेस (आई) की विधायक रहीं। बंदरगाह शहर में अपनी पसंद के पुलिस अधिकारियों को तैनात करवाने के लिए जाना जाता था, जबकि उनके गुर्गे कथित तौर पर जबरन वसूली, अवैध शराब और जुए के अड्डे और संदिग्ध रियल एस्टेट लेनदेन जैसे रैकेट चलाते थे।
शशिकला पाटनकर उर्फ बेबी - ड्रग्स की रानी (Shashikala Patankar Baby - Drugs Queen)
मुंबई के वर्ली में रहने वाली शशिकला ने दूध बेचने से शुरुआत की, लेकिन बाद में ब्राउन शुगर और हशिश बेचने लगी। उसने दो दशकों तक ड्रग कारोबार से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कमाई। मुंबई के वर्ली स्थिति झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली शशिकला को जल्दी अमीर बनने की चाह ने अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
इन सभी महिलाओं का जीवन इस बात का प्रमाण है कि समाज, परिस्थितियां और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं किसी भी व्यक्ति को अपराध की ओर धकेल सकती हैं। इनकी कहानियां हमें यह सिखाती हैं कि सामाजिक सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाने की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।












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