चीन की चुनौतियों से निबटने को तैयार भारत, एलएसी पर बनेगा आर्मी स्टेशन
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच मौजूद एलएसी पर स्थित लद्दाख क्षेत्र में एक बार फिर से चीन की ओर से घुसपैठ की खबरें आई हैं। लद्दाख के डेमचोक में 500 मीटर तक दाखिल होकर चीन की सेना ने अपने टेंट लगा लिए। चीन की ओर से लगातार भारत को चुनौतियां दी जा रही है।

इसका सुबूत है पिछले एक वर्ष के दौरान 334 घुसपैठ की घटनाएं। अब भारत ने भी इन घटनाओं से निबटने की तैयारी कर ली है।
लचीले होंगे नियम में दी जाएगी
भारत, चीन से सटे विवादित सीमा पर मौजूद इलाकों में सड़कें और आर्मी स्टेशन आदि का डेवलपमेंट करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। केंद्र में आई नई सरकार की ओर से इन सारे कामों से जुड़े सभी पर्यावरण नियमों में ढील देने की तैयारी कर ली है।
न्यूज एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत चीन की ही तरह बॉर्डर एरिया पर बेहतर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि जरूरत पढ़ने पर चीन को उसी के अंदाज में भारत की ओर से जवाब दिया जा सके।
केंन्द्रिय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ लगती सीमा वाले 100 किलोमीटर तक के इलाके में 6000 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछाने के लिए पर्यावरण नियमों में ढील दी है।
आर्मी स्टेशन और हथियार डिपो
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले उठाए गए इस कदम से अब हिमालय के बॉर्डर एरिया में आर्मी स्टेशन, हथियार डिपो, स्कूल और हॉस्पिटल बनाए जा सकते हैं।
जावडेकर ने कहा, 'चीन ने अपने बॉर्डर एरिया में अच्छी सड़कें और रेलवे नेटवर्क बना लिया है। मगर हमारी सेना को खराब सड़कों की वजह से दिक्कतें आती हैं।' उन्होंने बताया कि कुछ महीनों के अंदर सड़कें बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
मोदी सरकार का सड़क बनाने का कार्यक्रम भारत की उस योजना में मददगार साबित हो सकता है, जिसके तहत 80 हजार सैनिकों की ऐसी टुकड़ी की स्थापना की जानी है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत बॉर्डर पर मोर्चा संभाल सके।












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