एंटी टैंक माइन्स और टॉरपीडो से बढ़ेगी भारत की ताकत, 84560 करोड़ के सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी
Military Equipment Worth Rs 84560 Crore Approval: भारत के सैन्य बलों की ताकत और बढ़ने वाली है। सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सशस्त्र बलों की समग्र युद्ध क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए 84560 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी।
इससे सैन्य बलों की ताकत में इजाफा होगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा मंजूरी दिए गए प्रस्तावों में नये जेनरेशन के एंटी-टैंक माइंस, वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार, हेवीवेट टॉरपीडो, मध्यम दूरी के समुद्री टोही और बहु-मिशन समुद्री विमान शामिल हैं।

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद की हुई बैठक
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक 16 फरवरी (शुक्रवार) को हुई। इस बैठक में उन्होंने 84560 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि इससे भारत की सैन्य क्षमताओं में काफी तेजी आएगी।
मध्यम दूरी के समुद्री टोही और मल्टी-मिशन समुद्री विमान की खरीद को मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने देश के बड़े समुद्री क्षेत्रों पर बेहतर निगरानी के लिए भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए नए विमान और उपकरण प्राप्त करने को मंजूरी दे दी है। डीएसी ने भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) की निगरानी और निषेध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए मध्यम दूरी के समुद्री टोही और मल्टी-मिशन समुद्री विमान की खरीद को मंजूरी दे दी।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला किया है। संभावित खतरों से आगे रहने के लिए लंबी दूरी से पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए नौसेना के जहाजों के लिए उन्नत सोनार प्राप्त करने का भी उल्लेख किया।
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