India S-400 Deal: डीएसी बैठक में अहम फैसला, रूस के साथ रक्षा सौदे को मंजूरी, चीन-पाकिस्तान होंगे चौकन्ना!
India S-400 Deal: भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में सरकार लगातार बड़े फैसले कर रही है। पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस के साथ रक्षा मंत्रालय ने कई अहम हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दे दी है। डीएसी (DAC) की बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने की।
बैठक में करीब ₹2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों को स्वीकृति दी गई। इनमें सबसे अहम फैसला रूस से S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी खरीदने का है। बता दें कि भारत ने साल 2018 में रूस के साथ लगभग ₹40,000 करोड़ की डील कर 5 स्क्वाड्रन S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था, जिसकी डिलीवरी 2021 से शुरू हो चुकी है।

India S-400 Deal: भारतीय वायुसेना को मिलेगी मजबूती
- इसके अलावा भारतीय वायुसेना को और सशक्त बनाने के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (ड्रोन) और Sukhoi Su-30MKI के इंजन एग्रीगेट्स के ओवरहॉल को भी मंजूरी दी गई है।
- नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट पुराने AN-32 और IL-76 बेड़े की जगह लेंगे, जिससे रणनीतिक और सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता में सुधार होगा।
- ड्रोन तकनीक से निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों की क्षमता बढ़ेगी। डील की मंजूरी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दी गई है। कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह अहम है।
DAC Meeting 2026 में लिए गए अहम फैसले
भारतीय सेना के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किए गए हैं। इनमें एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर-पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले सिस्टम और Dhanush artillery gun शामिल हैं। ये सिस्टम सेना को बेहतर संचार, रियल-टाइम वायु रक्षा और लंबी दूरी तक सटीक हमले की क्षमता देंगे।
साथ ही, इंडियन कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। इनका इस्तेमाल तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव अभियानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए किया जाएगा। यह निर्णय भारत की सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने और तीनों सेनाओं की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।












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