'मुसलमान शरिया कानून से अलग नहीं होंगे', PM मोदी के UCC वाले बयान पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पलटवार
AIMPLB on Uniform civil code: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कहा है कि उन्हें यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता कानून (UCC) किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है। एआईएमपीएलबी ने कहा है कि समान या धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता मुसलमानों को स्वीकार्य नहीं होगी क्योंकि वे शरिया कानून से समझौता नहीं करेंगे।
एक प्रेस विज्ञप्ति में एआईएमपीएलबी ने कहा, "ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता के आह्वान और धार्मिक पर्सनल लॉ को सांप्रदायिक कहना अत्यधिक आपत्तिजनक मानता है।"

ये भी पढ़ें- 'हम 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड के साथ जी रहे, अब सेकुलर सिविल कोड चाहिए', PM मोदी का UCC पर बड़ा बयान
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया साफ शरिया कानून से अलग नहीं होंगे
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वे शरिया कानून से अलग नहीं होंगे। उनके प्रवक्ता डॉ. एसक्यूआर इलियास ने प्रेस को दिए बयान में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा धर्म पर आधारित पर्सनल लॉ जैसे शरिया को सांप्रदायिक कानून कहने की घोषणा पर हैरानी जताई है।
एआईएमपीएलबी के मुताबिक, भारत में मुसलमानों को अपने धर्म के अनुसार कानून का पालन करने का अधिकार है, जो शरीयत एप्लीकेशन एक्ट, 1937 और भारतीय संविधान में दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 25 में नागरिकों को धर्म को मानने, उसका प्रचार करने और उसका पालन करने तथा उसके कानूनों का पालन करने का मौलिक अधिकार है।
ये भी पढ़ें- UCC को लेकर पीएम मोदी पर भड़के ओवैसी, क्यों बोले कि हिंदू मूल्य थोपने की कोशिश है?
PM मोदी ने कहा था- देश में एक सेकुलर सिविल कोड की जरूरत
असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2024 को लाल किले से दिए भाषण में समान नागरिक संहिता की मांग की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि देश में एक सेकुलर सिविल कोड की जरूरत है।
पीएम मोदी ने कहा था, "समाज का एक बड़ा वर्ग मानता है और इसमें सच्चाई भी है कि मौजूदा नागरिक संहिता एक तरह से सांप्रदायिक नागरिक संहिता है। यह एक ऐसा नागरिक संहिता है जो भेदभाव को बढ़ावा देता है। यह देश को धार्मिक आधार पर बांटता है और असमानता को बढ़ावा देता है।''
ये भी पढ़ें- BJP को बहुमत ना मिलने से PM मोदी के 'विजन' को लगेगा सबसे बड़ा झटका, UCC से लेकर NRC लाना अब मुश्किल
डॉ. इलियास बोले- धार्मिक कानूनों से अलगाव पश्चिम की नकल है
प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. इलियास ने कहा कि मुसलमानों के अलावा अन्य समुदायों के पारिवारिक कानून भी उनकी अपनी धार्मिक और प्राचीन परंपराओं पर आधारित हैं। एआईएमपीएलबी के प्रवक्ता के अनुसार धार्मिक कानूनों से अलगाव पश्चिम की नकल है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता के आधार के रूप में उद्धृत किए गए निर्देशक सिद्धांत कानून या विचार नहीं हैं जिन्हें अदालत में लागू किया जा सके। डॉ. इलियास ने संवैधानिक शब्द समान नागरिक संहिता के बजाय प्रधानमंत्री द्वारा धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता के उपयोग की भी आलोचना की।
-
'मेरे साथ गलत किया', Monalisa की शादी मामले में नया मोड़, डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर लगा सनसनीखेज आरोप -
Silver Rate Today: चांदी में हाहाकार! 13,606 रुपये की भारी गिरावट, 100 ग्राम से 1 किलो की कीमत जान लीजिए -
Gold Silver Rate Crash: सोना ₹13,000 और चांदी ₹30,000 सस्ती, क्या यही है खरीदारी का समय? आज के ताजा रेट -
ईरान का गायब सुप्रीम लीडर! जिंदा है या सच में मर गया? मोजतबा खामेनेई क्यों नहीं आ रहा सामने, IRGC चला रहे देश? -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच धराशायी हुआ सोना! 13,000 सस्ता, 18K और 22k गोल्ड की ये है कीमत -
Strait of Hormuz में आधी रात को भारतीय जहाज का किसने दिया साथ? हमले के डर से तैयार थे लाइफ राफ्ट -
Rupali Chakankar कौन हैं? दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी के कहने पर काट ली थी उंगली! संभाल रहीं थीं महिला आयोग -
Love Story: बंगाल की इस खूबसूरत नेता का 7 साल तक चला चक्कर, पति है फेमस निर्माता, कहां हुई थी पहली मुलाकात? -
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Uttar Pradesh Gold Price: यूपी में आज 22K-18K सोने का भाव क्या? Lucknow समेत 9 शहरों में कितना गिरा रेट? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’












Click it and Unblock the Notifications