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UCC को लेकर पीएम मोदी पर भड़के ओवैसी, क्यों बोले कि हिंदू मूल्य थोपने की कोशिश है?

Uniform Civil Code: 78वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की ओर से यूनिफॉर्म सिविल कोड की वकालत हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी को जरा भी पसंद नहीं आई है और उन्होंने इसे सभी भारतीयों पर हिंदू मूल्यों और परंपराओं को थोपने की कोशिश का बीजेपी पर आरोप लगा दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को लाल किले से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि अभी देश में जो सिविल कोड वह एक तरह से 'सांप्रदायिक सिविल कोड' है, जो कि भेदभाव वाला है। उन्होंने इसके लिए संविधान के नीति निदेशक तत्वों के आधार पर कॉमन सिविल कोड लागू करने पर जोर दिया, जो कि ओवैसी को रास नहीं आ रहा है।

owainsi on pm modi

हिंदू मूल्यों और परंपराओं को थोपने की कोशिश है- असदुद्दीन ओवैसी
एआईएमआईएम के प्रमुख ने एक्स पर लिखा है, 'नरेंद्र मोदी ने आज के संबोधन में फिर से यूनिफॉर्म सिविल कोड का मुद्दा उठा दिया है। बीजेपी का यूसीसी संस्करण ऐसा है, जहां हिंदू अविभाजित परिवार, अनुसूचित जाति और हिंदू रीति-रिवाजों के लिए अपवाद हैं। हिंदुओं के भीतर मौजूद दयाभाग और मिताक्षरा जैसी विभिन्न परंपराओं और संस्कृतियों का क्या होगा? उत्तराखंड का यूसीसी बीजेपी के पाखंड का उत्तम उदाहरण है। यह हिंदू मूल्यों और परंपराओं को बाकी भारतीयों पर थोप रही है।'

मौजूदा सिविल कोड, कम्युनल सिविल कोड है- पीएम मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अनेकों बार आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 'देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है और इसमें सच्‍चाई भी है कि जिस सिविल कोड को हम लेकर के जी रहे हैं वो सिविल कोड सचमुच में तो एक प्रकार का कम्युनल सिविल कोड है, भेदभाव करने वाला सिविल कोड है।'

हमें सेक्युलर सिविल कोड की आवश्यकता- प्रधानमंत्री
उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट भी कहता है, संविधान निर्माताओं का भी यही सपना था तो जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, ऐसे कानूनों का आधुनिक समाज में कोई जगह नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा है, 'इसलिए मैं तो कहूंगा, अब समय की मांग है, अब देश में एक सेक्युलर सिविल कोड हो, हमने कम्युनल सिविल कोड में 75 साल बिताए हैं। अब हमें सेक्युलर सिविल कोड की तरफ जाना होगा, और तब जाकर के देश में धर्म के आधार पर जो भेदभाव हो रहे हैं, सामान्‍य नागरिकों को दूरी महसूस होती है, उससे हमें मुक्‍ति मिलेगी।'

भारतीय जनता पार्टी के मूल एजेंडे में शामिल है कॉमन सिविल कोड
समान नागरिक संहिता भारतीय जनता पार्टी के स्थापना के समय से इसके तीन मूल एजेंडों में शामिल रहा है। बीजेपी ने राज्य विधानसभा चुनावों में इसका वादा किया था और पार्टी शासित राज्यों में इस दिशा में आगे बढ़ा भी गया है।

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उसके दो मूल एजेंडे-अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण और कश्मीर से धारा-370 हटाने जैसे संकल्प पूरे हो चुके हैं। अब जब पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से यूसीसी की आवाज उठा दी है तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में संविधान के अधूरे इस संकल्प को भी पूरा करने का रास्ता साफ हो सकता है।

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