'हम 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड के साथ जी रहे, अब सेकुलर सिविल कोड चाहिए', PM मोदी का UCC पर बड़ा बयान
PM Modi Independence Day 2024 Speech: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में भारत में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देश से आह्वान किया है। पीएम मोदी ने वर्तमान नागरिक संहिता को "सांप्रदायिक" बताया है और एक धर्मनिरपेक्ष विकल्प की वकालत पर जोर दिया है।
पीएम मोदी ने सेक्युलर सिविल कोड पर कहा कि हम पिछले 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड के साथ जी रहे लेकिन अब हमें सेकुलर सिविल कोड चाहिए। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की यूसीसी लाना प्राथमिकताओं में से एक है। पीएम मोदी ने कहा, ''हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार UCC को लेकर चर्चा की है, अनेक बार आदेश दिए हैं। अब देश की मांग है कि देश में सेकुलर सिविल कोड (secular civil code) हो।''

PM मोदी ने UCC पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा,
''हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार यूनिफॉर्म सिविल कोड ( UCC) को लेकर चर्चा की है, अनेक बार आदेश दिए हैं। क्योंकि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग मानता है कि जिस सिविल कोड को लेकर हम जी रहे हैं, वो सिविल कोड सचमुच में एक कम्युनल और भेदभाव करने वाला सिविल कोड है।''
पीएम मोदी ने कहा,
''मैं मानता हूं कि इस विषय पर देश में गंभीर चर्चा हो, हर कोई अपने विचार लेकर आए और जो कानून धर्म के आधार पर देश को बांटते हैं, ऊंच-नीच का कारण बन जाते हैं, उन कानूनों का आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं हो सकता। अब देश की मांग है कि देश में सेक्युलर सिविल कोड हो।''
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— BJP (@BJP4India) August 15, 2024
What is UCC: क्या है समान नागरिक संहिता
समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड ( UCC) एक ऐसा प्रस्तावित कानून है, जिसमें देश के हर नागरिक के लिए एक समान कानून लागू होगा, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। समान नागरिक संहिता में शादी, तलाक से लेकर जमीन-जायदाद के बंटवारे आदि में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होता है। समान नागरिक संहिता का विचार समानता को बढ़ावा देता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी नागरिक विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में समान कानून को अपनाए।
फिलहाल देश में, संपत्ति, विवाह, और तलाक के नियम हिंदुओं, मुस्लिमों और ईसाइयों के लिए अलग-अलग हैं। संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता के बारे में चर्चा की गई है।












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