सिर्फ 9 साल बाद दुनिया की अगुवाई करने सक्षम होगा भारत, पूर्व अमेरिकी राजदूत ने गिनाए कारण

सोनीपत, 3 अगस्त: भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा है कि भारत इतना सक्षम हो रहा है कि 2030 के दशक से विश्व की अगुवाई कर सकता है। वर्मा भारतीय-अमेरिकी हैं और उनकी तैनाती 2014 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी। उन्होंने वो तमाम कारण गिनाए हैं, जिसके चलते 2050 तक भारत के पास बहुत ही बेहतर मौका रहने वाला है। वे हरियाणा के सोनीपत में एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम को संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने यह भी कहा है कि 21वीं सदी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के संबंधों ने एक नया मोड़ लिया और यह रिश्ता इस सदी में अहम साबित होने वाला है।

Recommended Video

    Pegasus Spying Case: Editors Guild ने खटखटाया Supreme Court का दरवाजा | वनइंडिया हिंदी

    हर क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई कर सकता है- रिचर्ड वर्मा

    हर क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई कर सकता है- रिचर्ड वर्मा

    भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत ने कहा है कि आने वाले दशक में भारत हर क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई कर सकता है। भारतीय-अमेरिकी रिजर्ड राहुल वर्मा 2014 से 2017 तक मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भारत में अमेरिका के राजदूत थे। उन्होंने यह भी कहा है कि भारत और अमेरिका का संबंध 'इस सदी का सबसे महत्वपूर्ण संबंध है।' वर्मा ने सोमवार को हरियाणा के सोनीपत स्थित जिंदल यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कही हैं। उनके मुताबिक भारत के पास सबसे युवा वर्कफोर्स है और यह स्थिति भारत के पक्ष में 2050 तक रहेगी।

    भारत के दुनिया की अगुवाई करने में सक्षम होने का कारण

    भारत के दुनिया की अगुवाई करने में सक्षम होने का कारण

    पूर्व अमेरिकी राजनयिक ने 2030 तक भारत के दुनिया की अगुवाई करने के जो कारण गिनाए हैं, उसके मुताबिक '....सबसे बड़ी आबादी वाला देश, सबसे ज्यादा कॉलेज ग्रैजुएट, सबसे बड़ा मिडिल क्लास, सबसे ज्यादा सेल फॉन और इंटरनेट यूजर्स के अलावा तीसरी सबसे विशाल सेना और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सब एकसाथ हैं, जिसकी 60 करोड़ जनता की उम्र 25 साल से कम है।' इसके अलावा उन्होंने जो कारण बताए हैं, उसके अनुसार 'सबसे बड़ी बात कि आज हमारे आंखों के सामने भारत में विकास के बड़े-बड़े काम हो रहे हैं। सिर्फ अगले दशक तक बुनियादी ढांचे पर करीब 2 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे।'

    '2050 तक इसे कोई पछाड़ नहीं सकता'

    '2050 तक इसे कोई पछाड़ नहीं सकता'

    इस दशक में भारत की विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए वे बोले कि '2030 के लिए आवश्यक अधिकांश बुनियादी ढांचे का निर्माण अभी बाकी है। यही कारण है कि आज अकेले करीब 100 नए एयरपोर्ट की योजना बनाई जा रही है या उनका निर्माण किया जा रहा है।' उन्होंने कहा कि एशिया में सबसे युवा वर्कफोर्स भारत में है, 'और आपको 2050 तक इसका लाभ मिलने वाला है।.....इसे कोई नहीं पछाड़ सकता।'

    क्लिंटन की यात्रा के साथ दोनों देशों के संबंध हुए बेहतर

    क्लिंटन की यात्रा के साथ दोनों देशों के संबंध हुए बेहतर

    भारत के पहले भारतीय-अमेरिकी राजनयिक रहे रिचर्ड वर्मा ने कहा है कि भारत-अमेरिका का आधुनिक रिश्ता बहुत ही युवा है। वो बोले कि इस दौर की शुरुआत राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की साल 2000 में भारत यात्रा के साथ हुई। इससे पहले दशकों तक कुछ दूरियां थीं। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के सामने इस रिश्ते के मुताबिक परिणाम देने का समय है। उनके मुताबिक, 'हम एक साथ बहुत कुछ कर सकते हैं। चाहे महामारी से जूझना हो, आतंकवाद और प्रसार का मुकाबला करना हो, या सभी नए इनोवेशन और सॉल्यूशन को बाजार में लाना हो, जिससे लोगों का जीवन आसान, सुरक्षित, हरित,अधिक समृद्ध, ज्यादा समावेशी और अधिक सुरक्षित बने।'(तस्वीरें-फाइल)

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+