India Iran Cooperation: ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली बोले, 'भारत और ईरान के हित और दर्द दोनों एक जैसे'
India Iran Cooperation: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच ईरान बार-बार भारत से अपने मजबूत रिश्तों की दुहाई दे रहा है। नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली (Mohammad Fathali) ने भारत और ईरान के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा हित और विश्वास मौजूद हैं। इसके आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि भारत और ईरान कई मुद्दों पर समान दृष्टिकोण रखते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर भी दोनों देशों के हित जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब एक देश कठिनाई में होता है तो दूसरा देश उसकी मदद करता है और यही साझेदारी की असली भावना है।

India Iran Cooperation: दोनोंं देशों को बताया मजबूत साझेदार
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कई मौकों पर ईरान का समर्थन किया है और इसी तरह ईरान भी भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल हालात में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास मजबूत होना चाहिए।
India Iran Relation: 'स्थिरता के लिए मजबूत रिश्ते जरूरी'
ईरानी राजदूत ने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए भारत और ईरान का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत स्थित ईरानी दूतावास को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। दोनों देशों की सरकारों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया जाए।
फतहाली के अनुसार, दूतावास का मुख्य उद्देश्य भारत और ईरान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देना है। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं।
भविष्य में भी मजबूत रहेंगे भारत-ईरान के रिश्ते
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं और भविष्य में इन्हें और मजबूत बनाने के लिए कई पहल की जा रही हैं। ईरान और भारत के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजदूत ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और साझा हितों के आधार पर सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत-ईरान संबंध और अधिक मजबूत होंगे और दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय विकास और स्थिरता में योगदान देंगे।












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