ओमिक्रॉन के साए के बीच देश ने हासिल किया नया मुकाम, 60 फीसदी लोग हुए फुली वैक्सीनेटेड
बीते दो साल से कोरोना वायरस के साए में जी रहे विश्व में एक बार फिर से वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। देश में पैर पसार रहे ओमिक्रॉन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने राहत भरी सूचना दी
नई दिल्ली, 23 दिसंबर। बीते दो साल से कोरोना वायरस के साए में जी रहे विश्व में एक बार फिर से वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। देश में पैर पसार रहे ओमिक्रॉन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि देश में चल रही वैक्सीनेशन प्रकिया में 60 फीसदी लोगों को फुली वैक्सीनेट कर दिया गया है।

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स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करते हुए लिखा- नए कारनामों को पूरा किए जाने पर देश को इसके लिए बधाई हो। हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक भागीदारी के प्रयासों से भारत की 60 फीसदी से अधिक योग्य आबादी को पूरी तरह से वैक्सीनेट कर दिया गया है।
देश में ऐसे शुरू हुई वैक्सीनेशन प्रकिया
इस साल की 16 जनवरी से देश में वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा रही है। पहले चरण में सिर्फ स्वास्थ्य अधिकारियों को वैक्सीन दी गई। उसके बाद दो फरवरी से वैक्सीनेशन प्रकिया के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। इसमें फ्रंटलाइन कर्मचारियों को वैक्सीन लगाई थी। उसके बाद एक मार्च से वैक्सीन को आम जनता के लिए खोल दिया गया। हालांकि शुरुआत में 60 उम्र से अधिक लोगों को दी गई। उसके बाद एक अप्रैल से 45 उम्र से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई। ऐसे ही वैक्सीनेशन प्रकिया चलती गई और फिर 1 मई से 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई। इसी प्रकिया के तहत एक अरब वैक्सीन लगाकर देश ने नया कारनामा बना दिया।
5 दिसंबर तक 50 फीसदी लोग हुए फुली वैक्सीनेट
दिसंबर महीने की शुरुआत में पांच दिसंबर को स्वस्थ्य मंत्रालय की तरफ से जानकारी दी गई थी कि अब देश की 50 फीसदी आबादी फुली वैक्सीनेटेड हो गई है। जबकि 85 फीसदी आबादी को एक डोज लग चुकी है। उसके बाद आज यानी की 23 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश की 60 फीसदी आबादी फुली वैक्सीनेट हो गई है।
कैसे होते हैं लोग फुली वैक्सीनेटेड
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पूरे विश्व में इसकी वैक्सीन तैयार की गई। भारत में भी कोरोना वैक्सीन तैयार की गई और लोगों को को लगाई गई। सबसे पहले व्यक्ति को पहली वैक्सीन की डोज दी जाती है। उसके बाद कुछ महीनों के अंतराल के बाद वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाती है। जब देश में वैक्सीन की दोनों डोज लग जाती है तो उस शख्स को फुली वैक्सीनेटेड माना जाता है।
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