IGC 2024: भारत- जर्मनी ने की पश्चिम एशिया में शांति की अपील, यूक्रेन संघर्ष के समाधान पर चर्चा
सातवें भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (IGC) के दौरान दोनों देशों ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों पर अपनी चिंता व्यक्त की। शुक्रवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति बहाली में योगदान देने के लिए भारत की तत्परता पर जोर दिया, जबकि जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने भारत को एक स्थिर शक्ति बताया और राजनीतिक समाधानों के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया।
भारत और जर्मनी के बीच 7वां अंतर सरकारी परामर्श (आईजीसी) 25 और 26 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। बैठक के पहले दिन सह-अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर स्कोल्ज करेंगे। द्विवार्षिक आईजीसी प्रारूप 2011 में लॉन्च किया गया था और यह कैबिनेट स्तर पर सहयोग की व्यापक समीक्षा और जुड़ाव के नए क्षेत्रों की पहचान की अनुमति देता है। भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में से एक है जिनके साथ जर्मनी का ऐसा तंत्र है। आईजीसी एक अद्वितीय तंत्र है जो भारत का जर्मनी के साथ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि इससे जर्मनी आर्थिक प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि भारत-जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है और जर्मनी की ओर से स्किल्ड भारतीयों को दिए जाने वाले वीजा की संख्या को 20,000 प्रति वर्ष से बढ़ाकर 90,000 प्रति वर्ष कर गया है।
पीएम ने कहा कि दोनों देशों के बीच हर कदम पर संबंध मजबूत हो रहे हैं। बता दें कि जर्मन व्यवसायों के 18वें एशिया पैसिफिक सम्मेलन (एपीके 2024), जिसे भारत में 12 वर्षों बाद आयोजित किया गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज के नेतृत्व में दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल से कहा, यह वर्ष भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ है। अगले 25 वर्षों में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।
IGC में 18 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें आपराधिक मामलों में आपसी कानूनी सहायता संधि और वर्गीकृत जानकारी के आदान-प्रदान और सुरक्षा पर एक समझौता शामिल है। मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ये समझौते गहरे पारस्परिक विश्वास को दर्शाते हैं और आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को बढ़ाएंगे।
बता दें कि भारत और जर्मनी के बीच 7वां अंतर सरकारी परामर्श (आईजीसी) 25 और 26 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है। बैठक के पहले दिन सह-अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर स्कोल्ज करेंगे। द्विवार्षिक आईजीसी प्रारूप 2011 में लॉन्च किया गया था और यह कैबिनेट स्तर पर सहयोग की व्यापक समीक्षा और जुड़ाव के नए क्षेत्रों की पहचान की अनुमति देता है। भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में से एक है जिनके साथ जर्मनी का ऐसा तंत्र है। आईजीसी एक अद्वितीय तंत्र है जो भारत का जर्मनी के साथ है।
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