H3N2 से पहली मौत पर डॉक्टर ने जारी की रिपोर्ट, रोगी डायबिटीज से पीड़ित था, भर्ती होने के चार दिन बाद गई जान
H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस का एक प्रकार है। H3N2 के लक्षणों में सर्दी, खांसी और गले में दर्द शामिल हैं। इस वायरस के चलते लंबे समय तक लोग खांसी से परेशान रहते हैं।

भारत में H3N2 वायरस से होने वाली मौत का पहला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक के हासन जिले के रहने वाले 82 वर्षीय व्यक्ति की अस्पताल में चार दिन भर्ती रहने के बाद मौत हो गई। हालांकि, वृद्ध व्यक्ति कई बीमारियों से भी जूझ रहा था। डॉक्टर के मुताबिक रोगी को उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी कई गंभीर समस्याएं भी थीं। मृतक की पहचान हिरे गौड़ा के रूप में हुई है।
मृतक में H3N2 वायरस की पुष्टि हुई
पत्रकारों से बात करते हुए हसन के जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि हिरे गौड़ा की 1 मार्च को वायरस के कारण मृत्यु हो गई। डॉक्टर ने कहा इस बात की पुष्टि हो गई है कि 82 साल के हिरे गौड़ा की 1 मार्च को एच3एन2 वायरस से मौत हो गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि गौड़ा मधुमेह के रोगी थे और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित थे। रोगी को 24 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 1 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई। परीक्षण के लिए भेजे गए नमूने में 6 मार्च को H3N2 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
देश में H3N2 वायरस तेजी से फैल रहा
देश भर में H3N2 सबटाइप इन्फ्लुएंजा के मामलों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक देश में H3n2 वायरस के 90 मामले सामने आ चुके हैं। एच1एन1 वायरस के आठ मामलों का भी पता चला है।
H3N2 वायरस: लक्षण और सावधानियां(H3N2 Symptoms)
H3N2 संक्रमण के लक्षणों की तुलना मौसमी फ्लू वायरस से की जा सकती है और इनमें बुखार, श्वसन संबंधी लक्षण, खांसी और सर्दी, बहती नाक, थकान, दस्त, उल्टी करना, सांस फूलना, सिर दर्द, शरीर में दर्द जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
वहीं बचाव के लिए मास्क पहनें, पर्याप्त तरल चीजें पीने, खांसते या छींकते समय मुंह को ढकने, नाक और आंखों को छूने से बचने जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी है. बुखार और तेज बदन दर्द की हालत में किसी डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।












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