DRDO देश में ही तैयार कर रहा 'जासूसी चूहे', जंग में दुश्मनों को सिखाएंगे सबक
DRDO जासूसी चूहों पर काम कर रहा है, जिनके ऊपर कैमरा लगा होगा। वो जंग, आतंकी हमले आदि के वक्त दुश्मन की निगरानी करेंगे।
मौजूदा वक्त में सभी देश अपनी सेनाओं को अपग्रेड कर रहे, जिसमें भारत का भी नाम शामिल है। रक्षा विशेषज्ञ पहले ही साफ कर चुके हैं कि भविष्य में वही देश मजबूती के साथ खड़े हो सकेंगे, जिनकी तीनों सेनाएं नई तकनीकी के साथ तालमेल बैठा पाएंगी। इसी क्रम में भारत एक अहम रिसर्च कर रहा। जिसके बारे में सुनकर ही दुश्मन देशों की नींद उड़ी हुई है।

डीआरडीओ कर रहा तैयार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत का रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) खास चूहे तैयार कर रहा, जो युद्ध, आतंकी हमले, सर्च ऑपरेशन आदि की स्थित में सुरक्षा एजेंसियों की मदद करेंगे। इसके जरिए आसानी से उस जगह की भी निगरानी हो जाएगी, जहां सैनिक, ड्रोन, कमरे आदि जाने में असमर्थ हैं।

क्या है इन चूहों का नाम?
मामले में डीआरडीओ की यंग साइंटिस्ट लेबोरेटरी (डीवाईएसएल-एटी) के निदेशक पी शिव प्रसाद ने बताया कि उनकी एक टीम विशेष चूहों पर काम कर रही है, जिनके सिर पर कैमरे लगे होंगे और वो सेमी-इनवेसिव ब्रेन इलेक्ट्रोड का उपयोग करके उनको मॉनिटर करेंगे। इसी के जरिए उनको अलग-अलग तरह का कमांड दिया जाएगा। इन चूहों को "रैट साइबोर्ग" कहा जा रहा है।

कैमरे से मिलेगी लाइव फीड
प्रसाद ने आगे कहा कि ये पहली बार है जब भारत इस तरह की तकनीक विकसित करने में लगा है। कुछ विदेशी राष्ट्रों के पास पहले से ही है। ये खुफिया निगरानी में सुरक्षाबलों की मदद करेगा। इसमें वैज्ञानक चूहों को कंट्रोल करने पर काम कर रहे। उनके सिर पर जो कैमरे लगे होंगे, उनसे ऑपरेटर को लाइव फीड मिल सकेगी।

ऐसे होगा इस्तेमाल
उन्होंने 26/11 जैसे हमले का उदाहरण देकर इस चूहे की अहमियत को समझाया। प्रसाद के मुताबिक अगर फिर से मुंबई जैसा हमला हुआ और सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन शुरू किया, तो वो इन चूहों को सबकी नजर से बचाकर तलाशी के काम में लगा सकते हैं। इससे आतंकियों की सही लोकेशन मिलती रहेगी और उनको पता भी नहीं चलेगा। चूहे उन जगहों पर आसानी से जा सकते हैं, जहां पर जवानों का पहुंचना मुश्किल है।












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