PM Modi Malaysia Visit: मलेशिया खरीदेगा भारत का Dornier विमान, कितना खतरनाक है ये Made in India एयरक्राफ्ट
HAL Dornier Do-228 Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा वैश्विक रक्षा मंच पर भारत के बढ़ते कद का प्रमाण है। यह दौरा महज एक कूटनीतिक मुलाकात नहीं, बल्कि भारत के 'हथियार आयातक' से 'सक्षम निर्यातक' बनने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का डोर्नियर Do-228 विमान है।
मलेशिया को अपनी लंबी तटरेखा की सुरक्षा और समुद्री निगरानी के लिए एक किफायती और आधुनिक विमान की जरूरत थी, जहां 'मेड इन इंडिया' डोर्नियर अपनी बेहतरीन खूबियों के कारण पहली पसंद बनकर उभरा है। पीएम मोदी की मौजूदगी में इस रक्षा सौदे पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। यह डील न केवल भारत के एयरोस्पेस सेक्टर को नई ऊंचाई देगी, बल्कि 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत दक्षिण-पूर्वी एशिया में भारत की रणनीतिक पकड़ को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगी।

Made in India Dornier Aircraft: बहुमुखी क्षमताओं का पावरहाउस
डोर्नियर Do-228 एक ट्विन-टर्बोप्रॉप विमान है, जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाना जाता है। यह केवल एक परिवहन विमान नहीं है, बल्कि समुद्री निगरानी, कोस्टल पेट्रोल, और सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) जैसे जटिल मिशनों को अंजाम देने में माहिर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत कम दूरी के रनवे (STOL) से उड़ान भरने और उतरने की क्षमता है, जो इसे मलेशिया के द्वीप समूहों और दुर्गम क्षेत्रों के लिए एक किफायती और सटीक विकल्प बनाती है।
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PM Modi Malaysia Visit 2026: मलेशिया की समुद्री चुनौतियों का सटीक समाधान
मलेशिया की लंबी तटरेखा और द्वीप रसद (Island Logistics) को देखते हुए डोर्नियर एक आदर्श मंच है। यह विमान 10 घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता रखता है और आधुनिक 360-डिग्री सर्विलांस रडार से लैस हो सकता है। भारत की योजना मलेशियाई कोस्ट गार्ड को लगभग 7 विमान बेचने की है, जिससे उनके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने की क्षमता में भारी इजाफा होगा।
India-Malaysia Defense Deal: कई महत्वपूर्ण डील पर मुहर संभव
भारत और मलेशिया के बीच यह डील केवल विमानों की बिक्री तक सीमित नहीं है। सेक्रेटरी (ईस्ट) पी. कुमारन के अनुसार, भारत मलेशिया के 'स्कॉर्पीन' पनडुब्बियों के मिड-लाइफ अपग्रेड और उनके 'Su-30MKM' फाइटर जेट्स के रखरखाव (MRO) के लिए भी तकनीकी सहयोग की पेशकश कर रहा है। यह सहयोग भारत को इस क्षेत्र में एक भरोसेमंद सर्विस हब और रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करेगा।
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रक्षा कूटनीति और 'एक्ट ईस्ट' नीति को मजबूती
यह रक्षा समझौता भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'सागर' (SAGAR) विजन का एक जीवंत उदाहरण है। डोर्नियर की बिक्री से न केवल HAL की वैश्विक साख बढ़ेगी, बल्कि यह एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रमाण भी होगा। प्रशिक्षण, रखरखाव और तकनीकी सहायता के माध्यम से भारत, मलेशिया के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के अगले स्तर पर ले जा रहा है।












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