PM Modi Malaysia visit: दो दिवसीय मलेशिया दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, जानिए किन बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
PM Modi Malaysia visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। 7 और 8 फरवरी को हो रही यह यात्रा भारत और मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यह दौरा मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रहा है, जिसमें दोनों देशों के नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। बातचीत के दौरान रक्षा और सुरक्षा सहयोग, व्यापार व निवेश, नई तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रह रहे बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय से भी संवाद करेंगे। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि इस अहम दौरे के दौरान किन-किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

Narendra Modi Malaysia visit: रक्षा और सुरक्षा सहयोग
भारत और मलेशिया के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग इस यात्रा का एक प्रमुख एजेंडा है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और रक्षा उपकरणों से जुड़े अवसरों पर चर्चा करेंगे। भारत मलेशिया को डार्नियर विमान, स्कार्पीन पनडुब्बियों और एसयू-30 लड़ाकू विमानों के रखरखाव जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और साझा सुरक्षा हितों को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
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Modi Anwar Ibrahim meeting: व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी
द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा स्तर से आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा। वर्ष 2023-24 में भारत-मलेशिया व्यापार करीब 20 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और दोनों देश इसे और बढ़ाने के इच्छुक हैं। इस दौरान निवेश, सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर चर्चा होगी। भारत-आसियान आर्थिक सहयोग के तहत मलेशिया की भूमिका को मजबूत करने पर भी बातचीत होने की संभावना है।
नई तकनीक और नवाचार सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा में डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप्स और इनोवेशन साझेदारी भी अहम मुद्दा होगी। दोनों देश स्मार्ट सिटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। भारत की तकनीकी क्षमताएं और मलेशिया का क्षेत्रीय हब के रूप में उभरना, इस सहयोग को नई दिशा दे सकता है। शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट में तकनीक आधारित साझेदारी पर भी चर्चा संभावित है।
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ऊर्जा, जलवायु और सतत विकास
ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटना दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। इस यात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर और बायोफ्यूल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसके साथ ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए संयुक्त परियोजनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। भारत और मलेशिया, विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
Indian diaspora in Malaysia: भारतीय प्रवासी और सांस्कृतिक संबंध
मलेशिया में करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत कड़ी हैं। प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय से संवाद इस यात्रा का अहम हिस्सा है। 'सेलामत दातांग मोदी जी' जैसे कार्यक्रम के जरिए सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी। शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा होगी, जिससे द्विपक्षीय रिश्ते केवल सरकारों तक सीमित न रहकर जनता के स्तर पर और गहरे हों।












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