नेल्सन मंडेला के सम्मान में भारत में 5 दिन का राजकीय शोक

95 साल के नोबेल पुरस्कार विजेता मंडेला पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त 95 वर्षीय मंडेला ने अपने घर में अंतिम सांस ली।इस बात की जानकारी राष्ट्रपति जैकब जूमा के कार्यालय की ओर से दी गयी है।
राष्ट्रपति जैकब जुमा ने उनके निधन की घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्र ने अपने सबसे महान बेटे को खो दिया, मंडेली जिंदगीभर हमें एक करने की कोशिश की इसलिए हम उनकी अंतिम विदाई एक हो कर ही देंगें।
मालूम हो कि 95 साल के नोबेल पुरस्कार विजेता मंडेला पिछले काफी समय से बीमार थे। उन्हें पिछले काफी महीने में कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि रंगभेद विरोधी मुहिम के प्रणेता के रूप में पहचान बनाने वाले मंडेला को 27 साल की कैद हुई थी लेकिन बाद में वह देश के राष्ट्रपति बने।
मंडेला को देश में भगवान की तरह पूजा जाता है। उनके जन्मदिन पर राष्ट्रपति जैकब जूमा ने कहा था कि "मंडेला ने हमें सिखाया है कि अगर हम अपने दिल से नफ़रत को निकाल दें तो आत्मिक शांति और स्वतंत्रता हासिल कर सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications