जानिए क्‍या है लद्दाख की पैंगोंग झील की अहमियत, भारत-चीन बॉर्डर पर क्‍या है Finger 4 और 8

नई दिल्‍ली। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी विवाद को सुलझाने के लिए छह जून भारत और चीन की सेनाओं के लेफ्टिनेंट जनरल आपस में मीटिंग करेंगे। भारत और चीन के बीच विवाद अक्‍सर लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्‍सो झील इलाके के आसपास ही होता है। इस बार परमाणु शक्तियों से लैस दो एशियाई पड़ोसियों के बीच स्थितियां गंभीर हैं। इस पूरे तनाव के बीच आपको अक्‍सर फिंगर 4 और फिंगर 8 का जिक्र भी सुनाई दे रहा होगा। आइए आज आपको बताते हैं कि क्‍या हैं ये फिंगर्स।

तीन हिस्‍सों में बंटी LAC

तीन हिस्‍सों में बंटी LAC

एलएसी तीन सेक्‍टर्स में बंटी हुई है जिसमें पहला है अरुणाचल प्रदेश से लेकर सिक्किम तक का हिस्‍सा, मध्‍य में आता है हिमाचल प्रदेश और उत्‍तराखंड का हिस्‍सा और पश्चिम सेक्‍टर में आता है लद्दाख का भाग। भारत, चीन के साथ लगी एलएसी करीब 3,488 किलोमीटर पर अपना दावा जताता है, जबकि चीन का कहना है यह बस 2000 किलोमीटर तक ही है। एलएसी दोनों देशों के बीच वह रेखा है जो दोनों देशों की सीमाओं को अलग-अलग करती है। दोनों देशों की सेनाएं एलएसी पर अपने-अपने हिस्‍से में लगातार गश्‍त करती रहती हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच झील के विवादित हिस्‍से पर पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है।

पैंगोंग झील पर अक्‍सर होती है झड़प

पैंगोंग झील पर अक्‍सर होती है झड़प

छह मई को पहले यहीं पर चीन और भारत के जवान भिड़े थे। झील का 45 किलोमीटर का पश्चिमी हिस्‍सा भारत के नियंत्रण में आता है जबकि बाकी चीन के हिस्‍से में है। पूर्वी लद्दाख एलएसी के पश्चिमी सेक्‍टर का निर्माण करता है जो कि काराकोरम पास से लेकर लद्दाख तक आता है। उत्‍तर में काराकोरम पास जो करीब 18 किलोमीटिर लंबा है और यहीं पर देश की सबसे ऊंची एयरफील्‍ड दौलत बेग ओल्‍डी है। अब काराकोरम सड़क के रास्‍ते दौलत बेग ओल्‍डी से जुड़ा है। दक्षिण में
चुमार है जो पूरी तरह से हिमाचल प्रदेश से जुड़ा है। पैंगोंग झील, पूर्वी लद्दाख में 826 किलोमीटर के बॉर्डर के केंद्र के एकदम करीब है। 19 अगस्‍त 2017 को भी पैंगोंग झील पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़व हुई थी।

जम चुकी झील पर जनरल ने दी थी ट्रेनिंग

जम चुकी झील पर जनरल ने दी थी ट्रेनिंग

पैंगोंग का मतलब लद्दाख की भाषा में होता है गहरा संपर्क और त्‍सो एक तिब्‍बती शब्‍द है जिसका अर्थ है झील। यह झील हिमालय में 14,000 फीट से भी ज्‍यादा की ऊंचाई पर है। झील लेह से दक्षिण पूर्व में करीब 54 किलोमीटर की दूरी पर है। 135 किलोमीटर लंबी झील करीब 604 स्‍क्‍वॉयर किलोमीटर से ज्‍यादा के दायरे में फैली है। सर्दियों में पूरी तरह से जम जाने वाली झील के बारे में कहते हैं कि 19वीं सदी में डोगरा साम्राज्‍य के जनरल जोरावर सिंह ने अपने सैनिकों और घोड़ों को जमी हुई झील पर ट्रेनिंग दी थी। इसके बाद वह तिब्‍बत में दाखिल हुए थे।

झील का रास्‍ता चीन के लिए फायदेमंद

झील का रास्‍ता चीन के लिए फायदेमंद

हालांकि इस झील का ज्‍यादा रणनीति महत्‍व नहीं है। लेकिन यह चुशुल के रास्‍ते में पड़ती है और यह रास्‍ता चीन की तरफ जाने वाले रास्‍ते में पड़ता है। किसी भी आक्रमण के समय चीन इसी रास्‍ते की मदद से भारत की सीमा में दाखिल हो सकता है। सन् 1962 की जंग में जब दोनों देश पहली बार आमने-सामने थे तो चीन ने इसी रास्‍ते का प्रयोग कर हमले शुरू किए थे। भारत की सेना ने उस समय रेजांग ला पास पर बहादुरी से चीन का जवाब दिया था। चुशुल में तब 13 कुमायूं जिसकी अगुवाई मेजर शैतान सिंह कर रहे थे, युद्ध के अंत तक डटी रही थी।

क्‍या है झील के करीब स्थित फिंगर्स

क्‍या है झील के करीब स्थित फिंगर्स

पिछले कुछ वर्षों में चीन की सेना पैंगोंग झील के किनारे पर पर सड़कों का निर्माण कर लिया है। सन् 1999 में जब कारगिल की जंग जारी थी तो उस समय चीन ने मौके का फायदा उठाते हुए भारत की सीमा में झील के किनारे पर पांच किलोमीटर तक लंबी सड़क का निर्माण कर लिया था। झील के उत्‍तरी किनारे पर बंजर पहाड़ियां हैं जिन्‍हें छांग छेनमो कहते हैं। इन पहाड़ियों के उभरे हुए हिस्‍से को ही सेना 'फिंगर्स' के तौर पर बुलाती है। भारत का दावा है कि एलएसी की सीमा फिंगर आठ तक है लेकिन वह फिंगर 4 तक के इलाके को ही नियंत्रित करती है।

क्‍या है फिंगर 4 और फिंगर 8

क्‍या है फिंगर 4 और फिंगर 8

फिंगर 8 पर चीन की बॉर्डर पोस्‍ट्स हैं। जबकि वह मानती है कि एलएसी फिंगर 2 से गुजरती है। करीब छह साल पहले चीन की सेना ने फिंगर 4 पर स्‍थायी निर्माण की कोशिश की थी। इसे बाद में भारत की तरफ से हुए कड़े विरोध के बाद गिरा दिया गया था। फिंगर 2 पर पेट्रोलिंग के लिए चीन की सेना हल्‍के वाहनों कार प्रयोग करती है और यहीं से वापस हो जाती है। गश्‍त के दौरान अगर भारत की पेट्रोलिंग टीम से उनका आमना-सामना होता है तो उन्‍हें वापस जाने को कह दिया जाता है। यहीं पर कनफ्यूजन हो जाता है क्‍योंकि वाहन ऐसी स्थिति में होते हैं कि वो टर्न नहीं ले सकते हैं।

फिंगर 5 पर हुआ था झगड़ा

फिंगर 5 पर हुआ था झगड़ा

भारत की सेना पैदल गश्‍त करती है और हालिया तनाव के दौरान गश्‍त को फिंगर आठ तक बढ़ाया गया है। मई के माह में भारत और चीन के सैनिकों के बीच फिंगर 5 के इलाके में झगड़ा हुआ है। इसकी वजह से दोनों पक्षों में असहमति बनी हुई है। चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों को फिंगर 2 से आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसकी वजह से ही स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। बताया जा रहा है कि चीन के 5,000 जवान गलवान घाटी में मौजूद हैं। एलएसी पर तनावपूर्ण स्थिति के बीच जहां सेना ने एक तरफ मोर्चा संभाला हुआ है तो वहीं अब इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) भी एक्‍शन में आ गई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+