India-China standoff: आज मेजर जनरल स्तर की एक और वार्ता संभव, पैंगोंग झील पर टकराव को निकल सकता है हल
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर जारी टकराव को खत्म करने के लिए आज एक और दौर की वार्ता हो सकती है। मंगलवार को चीन के सैनिक तीन जगहों से पीछे हट गए हैं जबकि पैंगोंगे झील पर टकराव अभी तक बरकरार है। माना जा रहा है कि इस टकराव का हल आज की मीटिंग में कोई नतीजा निकल सकता है। आज की वार्ता मेजर जनरल स्तर की होगी और इस वार्ता में कई और सेना अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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पैंगोंग झील पर स्थिति जस की तस
मंगलवार को चीन के सैनिक गलवान इलाके, पेट्रोलिंग प्वाइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स एरिया से 2.5 किलोमीटर पीछे चले गए हैं। आज कोर कमांडर पैंगोंग झील पर टकराव के बिंदु पर समस्या का हल निकालने पर चर्चा करेंगे। मिलिट्री टीम के सदस्य चुशुल में हैं और वार्ता की तैयारी कर रहे हैं जिसके अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है।' कहा जा रहा है कि इस टीम को सभी तरह के निर्देश आर्मी हेडक्वार्ट्स दे दिए गए हैं। साथ ही सरकारी अधिकारी उस प्रस्ताव में मदद कर रहे हैं जो मसला हल करने में मदद कर सकता है। सेना ने अपनी आधिकारिक टिप्पणी में कहा कि और भारत-चीन इलाकों पर वर्तमान स्थिति का हल निकालने में लगे हैं। इस मीटिंग में चीन को साफ कर दिया गया है कि एलएसी पर अप्रैल 2020 वाली स्थिति बहाल होनी चाहिए।
रिजर्व बल अभी गलवान में मौजूद
पैंगोंग झील पर जारी तनाव में कोई भी कमी नहीं आ रही है और यह जगह अब टकराव का बड़ा बिंदु बन चुकी है। चीन की तरफ से भी मेजर जनरल वार्ता में शामिल होंगे। अगर बुधवार की वार्ता में कोई नतीजा नहीं निकला तो फिर गुरुवार को फिर से एक दौर की वार्ता होगी। गलवान इलाके में रिजर्व बल अभी तक तैनात है। करीब 10,000 से 12,000 अतिरिक्त जवानों को लद्दाख में रिजर्व बल के तौर पर रखा जाता है। अभी तक रिजर्व बल को वापस नहीं बुलाया गया है। छह जून को कमांडर स्तर की जो वार्ता हुई थी उसमें टकराव को खत्म करने की योजना पर चर्चा हुई थी। छह जून की मीटिंग से पहले मेजर जनरल, ब्रिगेडियर और कर्नल स्तर की बातचीत हो चुकी थी। छह जून को मोल्डो में जो चर्चा हुई है उसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सकारात्मक करार दिया है।












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