India China deal: चीन से फिर शुरू होगा खाद और रेयर अर्थ सप्लाई, किसानों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगी राहत
India China deal 2025: भारत और चीन के रिश्तों में एक बार फिर सकारात्मक पहल देखने को मिली, जब दौरे पर आए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार जल्द ही खाद (fertilizers supply), रेयर अर्थ मिनरल्स (rare earth minerals) और टनल बोरिंग मशीन (tunnel boring machines TBM) की आपूर्ति फिर से शुरू करेगी।
यह फैसला दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 18 अगस्त को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात हुई।

इस दौरान जयशंकर ने यूरिया, एनपीके, डीएपी खाद, रेयर अर्थ मिनरल्स और टनल बोरिंग मशीनों की आपूर्ति का मुद्दा उठाया। बताया जा रहा है कि यह विषय जयशंकर ने पिछले महीने बीजिंग यात्रा के दौरान भी उठाया था। हालांकि, सीमा विवाद और बॉर्डर वार्ता पर इस बैठक में चर्चा नहीं हुई। यह मुद्दा मंगलवार, 19 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी प्रतिनिधियों के बीच विशेष प्रतिनिधि वार्ता (SR Dialogue) में उठेगा।
ताइवान पर भारत का रुख स्पष्ट
विदेश मंत्री वांग यी सोमवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। उम्मीद है कि इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक सहयोग पर भी बात होगी। बैठक के दौरान जयशंकर ने यह भी साफ कर दिया कि भारत का ताइवान को लेकर रुख पहले जैसा ही है। भारत केवल आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर ताइवान के साथ संबंध रखता है और कूटनीतिक स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस मुलाकात के दौरान अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां भी चर्चा का अप्रत्यक्ष केंद्र रहीं। दोनों देशों का मानना था कि मौजूदा हालात में वाशिंगटन की नीतियां भारत और चीन दोनों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में नई दिल्ली और बीजिंग को आपसी संवाद और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है ताकि अनिश्चितताओं से निपटा जा सके।
India China agreement 2025: खाद और रेयर अर्थ सप्लाई क्यों अहम?
चीन का यह फैसला भारत के लिए इसलिए बड़ा माना जा रहा है क्योंकि बीजिंग ने करीब एक साल से इन वस्तुओं की आपूर्ति रोक रखी थी।
- चीन भारत की खाद आवश्यकता का लगभग 30% सप्लाई करता है।
- रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल ऑटो पार्ट्स समेत कई हाई-टेक इंडस्ट्री में होता है।
- टनल बोरिंग मशीनें (TBM) सड़क और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
Border Talks: सीमा मुद्दे पर NSA डोभाल करेंगे बात
हालांकि जयशंकर-वांग बैठक में सीमा विवाद पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन यह विषय एनएसए अजीत डोभाल और चीनी प्रतिनिधियों के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में प्रमुख रहेगा। बातचीत का मुख्य फोकस 3,488 किमी लंबे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात सैनिकों को पीछे हटाने और तनाव कम करने पर होगा।
भारत-चीन के बीच खाद, रेयर अर्थ और टनल मशीन की आपूर्ति फिर से शुरू होना द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। हालांकि, सीमा विवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को हल करना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में एनएसए स्तर की वार्ता इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।












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