भारत-बांग्लादेश लैंड डीलः ऐतिहासिक पल
नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच आज एक नये अध्याय की शुरूआत हुई है, शुक्रवार रात 12 बजे से भारत और बांग्लादेश के बीच 162 एंक्लेव की अदला-बदली का समझौता प्रभावी हो गया है, जिसे भारत ने ऐतिहासिक पल बताया है।

आज इसलिए ही 'भारत बांग्लादेश एंक्लेव एक्सचेंज कोऑर्डिनेशन कमिटी' नामक संगठन ने कूच बिहार के मासलदांगा एंक्लेव में आज रात एक समारोह का आयोजन किया। रात में 12.01 बजते ही खुश भारतीयों ने तिरंगा लहराना और नाचना शुरू कर दिया।
इस समझौते के तहत भारत ने 51 एन्क्लेव बांग्लादेश को हस्तांतरित किए, वहीं बांग्ला देश ने करीब 111 एन्क्लेवों को भारत को सौंपा है। इस समझौते के तहत भारत और बांग्लादेश के एंक्लेव में रहने वाले लोगों को दोनो को देश की नागरिकता संबंधित हर मदद और सुविधाएं मिलेंगी।
बदलेगी सूरत
अब बांग्लादेश में रह रहे 14 हजार लोग भारतीय कहलायेंगे क्योंकि उन्हें अब भारतीय नागरिकता मिली है, जून में पीएम नरेन्द्र मोदी ने जो बांग्लादेश से जमीन समझौता किया था उसके मुताबिक अब हमारी 111 कॉलोनियां बांग्लादेश की होंगी तो बांग्लादेश की 51 कॉलोनियां भारत की। जिसके कारण अब बांग्लादेश के 51 हजार लोगों को 68 साल बाद पहचान मिली है।
68 साल बाद पहचान मिली
यहां खास बात आपको बता दें कि इन 51 हजार लोगों से सर्वे के तहत पूछा गया था कि वो कहां के बाशिंदे कहलाना चाहते हैं भारत के या बांग्लादेश के, जिसके बाद उनकी नागरिकता का फैसला हुआ है। आपको बता दें कि 1947 व 1972 के युद्ध के बाद भारत में 111 कॉलोनियों में 37000 बांग्लादेशी रहते हैं जो कि अब बांग्लादेश के हो जाएंगे।












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