सोशल मीडिया पर सख्त सरकार, पिछले एक साल में 1400 ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक करने का दिया आदेश
नई दिल्ली, 08 जुलाई। भारत में सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के कंटेंट को लेकर पिछले कुछ समय से काफी विवाद चल रहा है। जिस तरह से सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा को भड़काने और आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हुई उस बीच सोशल मीडिया पर सरकार की पैनी नजर है। फरवरी 2021 से 2022 के बीच भारत के आईटी मंत्रालय ने ट्विटर को अकाउंट और ट्वीट को ब्लॉक करने के 10 आदेश दिए हैं।

कोर्ट पहुंचा ट्विटर
ट्विटर को इस दौरान 1400 अकाउंट को बंद करने और 175 ट्वीट को हटाने के लिए आईटी एक्ट 2000 के सेक्शन 69(A) के तहत निर्देश दिए गए। सरकार द्वारा दिए गए इस निर्देश के बाद ट्विटर ने 39 अकाउंट को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और इन अकाउंट को ब्लॉक करने के आदेश को खारिज करने की अपील की थी।

वजह नहीं बताई गई
ट्विटर ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि काफी अधिक संख्या में मंत्रालय पूरे अकाउंट को ही ब्लॉक करने के लिए कह रहा है और वो भी बिना इस बात की जानकारी के उस अकाउंट से कौन से गलत ट्वीट किए गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कई यूआरएल में राजनीतिक और जर्नलिस्टिक कंटेट हैं। इस तरह की जानकारी को ब्लॉक करना अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है जोकि ट्विटर पर यूजर्स का अधिकार है। कंपनी की ओर से यह भी दावा किया गया है कि कई मामलों में मंत्रालय की ओर से अकाउंट को ब्लॉक करने की सही वजह तक नहीं बताई गई है, जोकि सेक्शन 69(A) तहत जरूरी है।

नियमों का उल्लंघन नहीं करते ये अकाउंट
ट्विटर को मंत्रालय की ओर से 1474 अकाउंट को ब्लॉक करने और 175 ट्वीट को डिलीट करने का निर्देश मिला था। अपनी याचिका में कंपनी ने कहा कि कुछ ब्लॉकिंग आर्डर असंवैधानिक हैं। कुछ अकाउंट जिन्हें ब्लॉक करने के लिए कहा गया है वह सेक्शन 69 (A) के तहत नहीं आते हैं और किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन भी नहीं करते हैं। ट्विटर ने अपनी याचिका में उन ट्विटर अकाउंट को भी पेश किया है जिसे मंत्रालय ने हटाने के लिए कहा है।

मंत्रालय ने दिखाए सख्त तेवर
ट्विटर की ओर से कहा गया है कि मंत्रालय की ओर से हमे जून माह में नोटिस मिला था कि हम निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके बाद हमने विरोध दर्ज कराते हुए मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई की। पिछले महीने मंत्रालय की ओर से कंपनी को आखिरी मौका दिया गया था कि वह निर्देश का पालन करें और जिन अकाउंट को ब्लॉक करने के लिए कहा गया है उसे सेक्शन 69ए के तहत ब्लॉक करें।

आईटी एक्ट का सेक्शन 69ए
बता दें कि आईटी एक्ट का सेक्शन 69ए केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह सोशल मीडिया पर किसी कंटेंट या अकाउंट को प्रतिबंधित करने के लिए कह सकता है, अगर वह देश की संप्रभुता, रक्षा और अखंड़ता को चुनौती दे रहा है। अगर कोई कंटेंट देश के विदेशी संबंध पर असर डाल रहा है, कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है तो इसे प्रतिबंधित करने का निर्देश जारी किया जा सकता है। नियम के अनुसार सरकार की ओर से जब ब्लॉक करने का ऑर्डर जारी किया जाता है तो इसे समीक्षा के लिए कमेटी के पास भेजा जाता है और इसके बाद अंतिम निर्देश दिया जाता है।












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