जम्मू-कश्मीर का किला फतेह करने में घर वापसी बन सकती है रोड़ा
श्रीनगर। भारतीय जनता पार्टी के लिए केंद्र में सरकार बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर का किला फतेह करना सबसे बड़ी चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने के बाद तकरीबन हर महीने जम्मू का दौरा किया। यही नहीं प्रधानमंत्री ने जम्मू के प्रति अपने लगाव को हर रैली में जाहिर किया।

लेकिन मतदान के आखिरी दो चरण में जिस तरह से घर वापसी और धर्मांतरण के मुद्दे ने भाजपा सरकार को बुरी तरह से घेरा वह जम्मू-कश्मीर में भाजपा के मिशन 44 में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है।
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ये वजहें बन सकती हैं भाजपा की राह में रोड़ा
-धर्मांतरण और घर वापसी के मुद्दे पर पीएम की चुप्पी
-भाजपा के कई सांसदों और मंत्रियों के विवादित बयान
-धारा 370 पर भाजपा की चुप्पी
-जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमले
यह है मौजूदा स्थिति
नेशनल कांफ्रेस-28
पीडीपी-21
कांग्रेस -7
भाजपा-11
पैंथर पार्टी- 3
सीपीआई -1
पीपुल डेमोक्रेटिक फ्रंट-1
जम्मू-कश्मीर में पहले दो तीन चरणों में मतदाताओं ने जमकर वोट किया था। लेकिन अगले दो चरणों में धर्मांतरण और घरवापसी का मुद्दा पूरे देश में गूंजा और इस पूरे मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी ने लोगों को एक बार सोचने के लिए जरूर मजबूर किया होगा।
गौर करने वाली बात है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में मिशन 44 प्लस का नारा बुलंद किया था। इसके लिए भाजपा ने 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। हालांकि कई इन मुसलमान उम्मीदवारों ने एक समय प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था।












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