आचार संहिता उल्लंघन के एक और मामले में केजरीवाल को नोटिस, शनिवार शाम 5 बजे तक EC ने मांगा जवाब
नई दिल्ली- दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार सुबह 8 बजे से वोटिंग होनी है, लेकिन एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए चुनाव आयोग ने जवाब तलब कर लिया है। बता दें कि बुधवार को उन्हें मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के और मामले में चुनाव आयोग ने चेतावनी देकर छोड़ दिया था। नया मामला आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए उनकी ओर से अपने ट्विटर हैंडल पर एक विडियो अपलोड करने का है। इस मामले में उन्हें शनिवार शाम 5 बजे तक चुनाव आयोग को जवाब देना है।

अरविंद केजरीवाल के ट्विटर अकाउंट पर एक विडियो अपलोड होने के मामले में चुनाव आयोग ने शुक्रवार को उन्हें एक नोटिस थमाया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि यह हरकत आचार संहिता के उल्लंघन का है। चुनाव आयोग ने केजरीवाल से कहा है कि वो अपना जवाब शनिवार शाम 5 बजे तक आयोग को दे दें। केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर आचार संहिता का उल्लंघन करके एक विडियो अपलोड किया है।
इससे पहले बुधवार को चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के एक और मामले में अरविंद केजरीवाल को चेतावनी दी थी। यह चेतावनी 13 जनवरी को तीस हजारी कोर्ट में उनके एक बयान के लिए दिए गया था, जिसे चुनाव आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया था। चुनाव आयोग ने केजरीवाल को वो चेतावनी भाजपा नेता नीरज की शिकायत पर पड़ताल के बाद दी थी।
शिकायत के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकीलों की एक सभा में कोर्ट कैंपस में मोहल्ला क्लिनिक खोलने का वादा किया था। यह कार्यक्रम लोहड़ी और मकर संक्रांति के मौके पर बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित किया गया था। केजरीवाल के लिए सबसे बुरी बात ये रही कि चुनाव आयोग ने कहा था कि उसकी आंतरिक रिपोर्ट में भी उस सभा में उनकी ओर से इस तरह के वादे किए जाने की पुष्टि हो गई। आयोग ने कहा था कि उसकी नजर में इस तरह का वादा करके अरविंद केजरीवाल ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है। अपने जवाब में केजरीवाल ने ये दलील देने की कोशिश की थी कि वह सभा एक निजी कार्यक्रम था और उसमें वो निजी हैसियत से शामिल हुए थे, बतौर दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं। उन्होंने ये भी दावा किया था कि उन्होंने आने वाले चुनाव को लेकर कोई वादा नहीं किया था, बल्कि सिर्फ दिल्ली सरकार के एक पुराने फैसले को दोहरा रहे थे। लेकिन, चुनाव आयोग उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने दो टूक कहा है उनके जवाब को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अपने आदेश में आयोग ने कहा था, 'आयोग अरविंद केजरीवाल की ओर से दिए गए उनके बयान की निंदा करता है और उन्हें चेतावनी देता है कि और ज्यादा सावधानी बरतें और सार्वजनिक तौर पर बयान देते वक्त भविष्य में भी सावधान रहें। '













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