CEC की चयन में बड़ा बदलाव, अब 5 नामों का पैनल होगा, राजीव कुमार देंगे इस्तीफा
CEC Selection Process: भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के पद के लिए चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। परंपरागत रूप से, मुख्य चुनाव आयुक्त के उत्तराधिकारी को अगले वरिष्ठतम चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया जाता था, लेकिन अब 2023 में तैयार मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पद का कार्यकाल) अधिनियम के तहत चयन प्रक्रिया को अधिक व्यापक और लचीला बना दिया गया है।
वर्तमान CEC, राजीव कुमार, 18 फरवरी 2024 को अपने पद से इस्तीफा देंगे। चुनाव आयोग में CEC के साथ दो अन्य चुनाव आयुक्त होते हैं, जिनमें ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू शामिल हैं। ज्ञानेश कुमार इस पद के लिए संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं, लेकिन नए कानून के अनुसार अब चयन समिति के सामने पाँच नामों का पैनल होगा, और उसमें से एक को चुना जाएगा।

विधि मंत्रालय बनाएगा सर्च कमेटी
नए कानून के अनुसार, विधि मंत्रालय एक "सर्च कमेटी" बनाएगा, जो पैनल तैयार करेगी। इस कमेटी के अध्यक्ष विधि मंत्री होंगे, और इसमें दो अन्य सदस्य, जो भारत सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी होंगे, शामिल होंगे। यह पैनल फिर चयन समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री , केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होंगे। चयन समिति इस पैनल से किसी भी नाम को चुन सकती है या फिर बाहरी व्यक्तियों के नाम भी विचार में ला सकती है।
पूर्व CEC ओपी रावत ने बदलाव पर जताई चिंता
नए बदलाव का उद्देश्य चुनाव आयोग की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ाना है। विपक्षी दलों ने आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह बदलाव किया गया। पूर्व CEC ओपी रावत ने इस बदलाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है, खासकर अगर सरकार बदलने के बाद CEC का चयन भी बदल जाए। इससे चुनाव आयोग के निर्णयों की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ सकता है।
विपक्षी दलों और कुछ पूर्व चुनाव अधिकारियों ने इस नए बदलाव को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि यह बदलाव आयोग की निष्पक्षता पर असर डाल सकता है। इस नए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इस पर फरवरी 2025 में सुनवाई होगी, जिसमें मुख्य न्यायाधीश के बहिष्करण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के बाद किया गया बदलाव
यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के बाद किया गया था। 2015 से 2022 के बीच दायर याचिकाओं पर विचार करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में पूर्ण अधिकार नहीं देने की सलाह दी थी। मार्च 2023 में, कोर्ट ने यह फैसला दिया कि CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी, और इसके लिए एक चयन समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होंगे। हालांकि, नए कानून के तहत मुख्य न्यायाधीश को चयन समिति से हटा दिया गया है।
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