Justice Varma पर चलेगा महाभियोग? प्रस्ताव लाने के लिए राहुल गांधी समेत 145 सांसदों ने किए हस्ताक्षर
Justice Varma impeachment news: जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से नकदी बरामद किए जाने के मामले में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए 145 सांसदों ने हस्ताक्षर किया है। सोमवार को सांसदों के हस्ताक्षर वाली यह प्रति लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी गई है। संसद का मानसून सत्र शुरू होने के पहले ही दिन दोनों सदनों में जस्टिस वर्मा का मुद्दा उठाया गया। इस बीच लोकसभा में जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव स्पीकर को सौंप दिया गया है।
महाभियोग लाए जाने से जुड़े प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी हैं। इस प्रस्ताव पर सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किया है। इसमें बीजेपी सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूड़ी शामिल हैं। इसके अलावा, पीपी चौधरी, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

Justice Varma के घर मिली थी नोटों की बोरी
जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर इस साल 15 मार्च 2025 को काफी संख्या में 500 रुपये के जले-अधजले नोट मिले थे। जस्टिस वर्मा ने इन जले नोटों के बारे में कहा था कि यह उनके घर से मिले हैं, लेकिन उनका नहीं है। अब उनके ऊपर महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के लिए सांसदों ने मुहिम शुरू कर दी है।
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संविधान के अनुच्छेद 124, अनुच्छेद 217 और 218 के तहत कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी, (TDP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), जनता दल सेकुलर (JDS), जनसेना पार्टी (Jansena party), असम गण परिषद (AGP), शिवसेना (एकनाथ शिंदे), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-एम (CPM) समेत कई दलों के सांसदों ने महाभियोग लाने वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया है।
महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए यह है पूरी प्रक्रिया
किसी भी जज को हटाने के प्रस्ताव पर लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए। लोकसभा में प्रस्ताव के लिए जरूरी समर्थन जुटाया जा चुका है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि लोकसभा में यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। राज्यसभा से भी जरूरी 50 सांसदों का समर्थन मिल सकता है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रस्ताव लोकसभा में पेश होगा या नहीं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता हूं, क्योंकि प्रस्ताव स्पीकर की अनुमति से बीएसी की ओर से पारित होता है।
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