इल्तिजा मुफ्ती का दावा- नजरबंद नेताओं के साथ हुई हाथापाई, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया इनकार
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के दौरान 5 अगस्त को घाटी के 34 राजनीतिक नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि सभी नेताओं को जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने रविवार के दिन सेंटूर होटल से शिफ्ट करके एमएलए हॉस्टल पंहुचा दिया है। इस दौरान पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने दावा किया कि, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नजरबंद किए गए नेताओं के साथ बदसलूकी की। इल्तिजा मुफ्ती के बयान के बाद पुलिस ने उनके दावे को खारिज कर दिया है।

बता दें कि, रविवार को इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट में दावा किया कि नेताओं को शिफ्ट करने के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सज्जाद लोन, वहीद पारा और शाह फैसल जैसे नेताओं के साथ झगड़ा किया। इल्तिजा मुफ्ती ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया कि, SKICC के बंदियों को आज श्रीनगर के MLA छात्रावास में स्थानांतरित कर दिया गया। इस दौरान उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी की। इल्तिजा मुफ्ती ने ट्वीट में सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि, क्या आप निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं? उन्हें अपमानित क्यों किया जा रहा है ?
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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया ये ट्वीट
वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इल्तिजा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। एक बयान में पुलिस ने ऐसी किसी भी घटना से इंकार किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इम्तियाज हुसैन ने ट्वीट कर कहा कि लॉजमेंट के लिए अनिवार्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था। हुसैन ने आगे लिखा कि, कुछ ट्विटर हैंडल ने दावा किया है कि श्रीनगर में विधायक के साथ हाथापाई हुई लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है।












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