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Ilayaraja : स्कूलों में संगीत अनिवार्य बनाने की वकालत करने वाले उस्ताद, संसद आने के मायने

इलैयाराजा का राज्य सभा में जाना (Ilaiyaraaja Rajya Sabha) कई मायनों में खास है। संगीत जगत से जुड़े इलैयाराजा का मानना है कि स्कूलों में म्यूजिक को अनिवार्य विषय बनाने से दुनिया में हिंसा में कमी लाई जा सकती है।

नई दिल्ली, 07 जुलाई : संगीत के धुनों से दुनियाभर में अपनी विलक्षण पहचान कायम करने वाले इलैयाराजा (music maestro Ilaiyaraaja) ने पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। उन्हें अब राज्य सभा के लिए नॉमिनेट किया गया है। इलैयाराजा के करियर में कई ऐसे पड़ाव आए जब पूरा देश उनकी संगीत की धुनों के साथ झूमता दिखा। देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान- पद्मविभूषण से सम्मानित इलैयाराजा तमिलनाडु के मदुरै में रहते हैं। भारत रत्न स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर भी इलैयाराजा की मुरीद थीं। संसद में इलैयाराजा (Ilaiyaraaja Rajya Sabha) की मौजूदगी संसदीय परंपरा को और समृद्ध करेगी, इसमें कोई संदेह नहीं। वनइंडिया हिंदी की इस रिपोर्ट में पढ़िए इलैयाराजा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें-

Ilayaraja संसद में, पीएम मोदी ने क्या कहा ?

Ilayaraja संसद में, पीएम मोदी ने क्या कहा ?

पीएम मोदी ने इलैयाराजा के राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर कहा, इलैयाराजा की रचनात्मक प्रतिभा ने लोगों को पीढ़ी दर पीढ़ी मंत्रमुग्ध किया है। उनकी रचनाएँ अनेक भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाती हैं। उनकी जीवन यात्रा भी उतनी ही प्रेरक है। बकौल पीएम मोदी, इलैयाराजा एक विनम्र पृष्ठभूमि से आते हैं।

इलैयाराजा को पद्म विभूषण

इलैयाराजा को पद्म विभूषण

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साल 2018 में संगीत निर्देशक इलैयाराजा को पद्म विभूषण प्रदान किया था। देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत इलैयाराजा का जन्म मदुरै जिले के एक गांव में दलित परिवार में हुआ था।

भेदभाव का सामना भी किया

भेदभाव का सामना भी किया

भारत के महान संगीतकारों में गिने जाने वाले इलैयाराजा को करियर के दौरान जाति-आधारित भेदभाव का सामना भी करना पड़ा। हालांकि, सभी बाधाओं को पार कर इलैयाराजा भारत के अग्रणी संगीतकार बनकर उभरे। अपनी रचनात्मक प्रतिभा से कठिनाइयों को बौना साबित करने वाले इलैयाराजा ने राज्यसभा मनोनयन पर कहा, हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने नरेंद्र मोदी के विचारों के प्रति भी कृतज्ञता जाहिर की। उन्होंने संसद में अपनी भूमिका के बारे में संकेत दिया और कहा, यह सम्मान के साथ-साथ संगीत, कला और संस्कृति की सुंदरता को हमारे समाज के हर कोने तक पहुंचाने का अवसर है।

टाइम स्क्वायर पर Ilaiyaraaja

टाइम स्क्वायर पर Ilaiyaraaja

पांच दशकों से अधिक लंबे के करियर में इलैयाराजा ने 1000 से अधिक फिल्मों के लिए 7000 से अधिक गीतों की रचना की। दुनिया भर में 20000 से अधिक संगीत कार्यक्रम कर चुके इलैयाराजा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नवंबर 2021 में अमेरिका के मशहूर टाइम स्क्वायर पर इलैयाराजा की तस्वीर दिखाई गई थी।

उपलब्धियों से भरा करियर

उपलब्धियों से भरा करियर

पद्म विभूषण के अलावा कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदाने के लिए इलैयाराजा को 2010 में पद्म भूषण से भी नवाजा जा चुका है। उपलब्धियों से भरे करियर में इलैयाराजा को पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के अलावा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इलैयाराजा का संगीत

50 साल से अधिक समय के करियर में इलैयाराजा ने 1978 में बनी फिल्म- इलामाई ऊँजल अदुकिराथु (Ilamai Oonjal Adukirathu) और गीतांजलि (1989) में संगीत दिया। इलैयाराजा के जन्मदिन 2 जून को नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया (NFAI) ने फिल्मों में इलैयाराजा के संगीत के कुछ अंशों की वीडियो ट्वीट की थी। 1985 में बनी फिल्म सिंधु भैरवी और 1988 की फिल्म अग्नि नटचतिराम (agni natchathiram) में भी इलैयाराजा ने अपने संगीत से खास पहचान कायम की।

इलैयाराजा... सदाबहार संगीतकार

इलैयाराजा... सदाबहार संगीतकार

लता मंगेशकर को स्वर साम्राज्ञी की संज्ञा दी जाती है। लता मंगेशकर और इलैयाराजा की एक दुर्लभ तस्वीर खुद इलैयाराजा ने ट्वीट की है। भारत रत्न लता के निधन के बाद इलैयाराजा ने उनके साथ की तस्वीर शेयर कर शोक प्रकट किया था। खुद लता मंगेशकर ने मार्च 2021 में एक ट्वीट कर इलैयाराजा के संगीत में एसपी बालासुब्रमण्यम के साथ गाए गाने को शेयर किया था। बता दें कि लता ने कई भाषाओं के गानों को स्वर दिए थे।

संगीत से हिंसा खत्म !

संगीत से हिंसा खत्म !

कला और संगीत का समाज में अहम योगदान रेखांकित करते हुए संगीतकार इलैयाराजा ने दिसंबर 2019 में गोवा के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IIFI) में कहा था, अगर स्कूलों में संगीत को अनिवार्य विषय बना दिया जाए तो दुनिया में हिंसा कम हो जाएगी।

आत्मा से आता है संगीत

आत्मा से आता है संगीत

उपलब्धियों से भरे करियर में इलैयाराजा को IIFI 2015 और 2019 में सम्मानित किया जा चुका है। गोवा में 46वें IIFI में संगीत उस्ताद इलैयाराजा को वर्ष के व्यक्तित्व का शताब्दी पुरस्कार ( Centenary Award for Personality of the Year) तत्कालीन सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने दिया था। इसके बाद 2019 में तत्कालीन गोवा के गवर्नर सत्यपाल मलिक और केंद्रीय मंत्रियों ने इलैयाराजा को सम्मानित किया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था, संगीत एक अद्भुत चीज है। जब आप संगीत सुनते हैं, तो आपको संगीत को महसूस करना चाहिए। संगीत मेरे साथ कई जन्मों से जुड़ा हुआ है। संगीत ऐसा होना चाहिए जो आपको किसी सफर पर ले जाए। मैं जो संगीत बनाता हूं, वह मेरी आत्मा से आता है।

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