नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए जर्मन छात्र को वापस भेजा गया
नई दिल्ली। नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने पर जर्मनी के छात्र को भारत से वापस भेज दिया गया है। जर्मनी के छात्र जैकोब लिंडेथल आईआईटी मद्रास में भौतिकी विभाग के छात्र हैं। हाल ही में ही में वो चेन्नई में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए थे और अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद उनको वापस जाने के लिए कहा गया।

सोमवार रात जैकोब को वापस भेज दिया गया है। फ्लाइट लेने से पहले चेन्नई हवाई अड्डे पर इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चेन्नई में विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से उन्हें तुरंत भारत छोड़ने के आदेश मिले। जिसके बाद वो वापस जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी उनकी एक सेमेस्टर की पढ़ाई बची है, मई 2020 में आईआईटी मद्रास में उनका कोर्स पूरा होगा लेकिन अब उन्हें वापस जाना होगा। आव्रजन विभाग और आईआईटी मद्रास द्वारा फैसले से अवगत कराए जाने के बाद जैकोब सोमवार शाम को अपने देश जर्मनी रवाना हो गए।
चेन्नई के वल्लूवरकोट्टम में प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसमें जैकोब ने एक प्लेकार्ड हाथ में लिया था। इसमें यहूदियों पर नाजियों के अत्याचार की ओर इशारा किया गया था। इसमें लिखा था- 1933 से 1945; वी हैव देयर (जर्मनी में हिटलर दौर की ओर इशारा)।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून हाल ही में संसद से पास हुआ है। इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, जैन, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता का प्रस्ताव है। कांग्रेस समेत ज्यादातर विपक्षी दल और कई सामाजिक संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं। देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों के छात्र भी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं। इसके खिलाफ हुए प्रदर्शनों में अब तक 18 से 20 लोगों की मौत हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications