IIT दिल्ली ने तैयार की दुनिया की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट
आईआईटी दिल्ली के रिसर्चर्स ने दुनिया की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने में सफलता हासिल की है। यह बुलेटप्रूफ जैकेट एके-47 से फायर की गई 8 बुलेट को रोकने की क्षमता रखती है। इस जैकेट का वजन 8.2 किलोग्राम है, जोकि भारतीय सेना के पास पहले से मौजूद बुलेट प्रूफ जैकेट से दो किलोग्राम हल्की है।
इस जैकेट का एक और मॉडल भी है जिसका वजन 95 किलोग्राम है और यह स्नाइपर राइफल से फायर की गई 6 बुलेट को रोक सकती है। इसके लिए इस समय भारतीय सेना जिस बुलेटप्रूफ जैकेट का इस्तेमाल कर रही है उसका वजन 10.5 किलोग्राम है।

प्रोफेसर नरेश भटनागर जोकि आईआईटी दिल्ली में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस ऑन पर्सनल बॉडी आर्मर में कार्यकरत हैं उन्होंने डीआरडीओ की मदद से इस जैकेट को तैयार किया है। इसे तैयार करने में 15 साल का समय लगा है।
भटनागर ने कहा कि 2008 में एक सेना के मेजर ने अपील की थी कि हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने पर काम करना चाहिए। अभी हम जो जैकेट इस्तेमाल करते हैं वह 22-25 किलोग्राम की होती है। मेजर को लाइन ऑफ ड्यूटी के दौरान गोली लगी थी। उन्होंने कहा था कि जैकेट का वजन बहुत कम करने की जरूरत है ताकि सैनिक ऑपरेशन के दौरान बेहतर कर पाएं।
प्रोफेसर ने बताया कि नई जैकेट पॉलिमर और सिरेमिक से बनी है। जैकेट को लेकर हमारी रिसर्च इतनी लंबी थी कि इसमे एमटेक के 25 और 12 पीएचडी के छात्र शामिल थे। इन लोगों ने कई पहलुओं पर अपनी थीसिस की थी।
आईआईटी दिल्ली में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर हेमंत चौहान ने बताया कि जैकेट पर टेस्टिंग आतरिक रूप से की गई है। हमने गैस गन के जरिए बैलिस्टिक बुलेट को जैकेट पर फायर किया था। जैकेट को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड से स्वीकृति मिल गई है।
आईआईटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि वह इस जैकेट को अगले महीने जर्मनी में होने वाली नाटो कॉफ्रेंस में रखेंगे, हमे उम्मीद है कि यह जैकेट भारतीय सैनिकों की जान बचाएगा।












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