IFB Sanju: जब बीच समंदर में डूबने लगी नाव, 12 घंटे चला रेस्क्यू, कैसे बची 12 मछुआरों की जान?
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने केरल(Kerala) 12 मछुआरों की जान बचाई है। इसको लेकर भारतीय तटरक्षक बल ने शुक्रवार (12 जनवरी) को आधिकारिक तौर पर इस रेस्क्यू की जानकारी दी। जिसमें कहा गया कि कोच्चि की मछली पकड़ने वाली नाव (IFB Sanju) में 12 मछुआरों सवार थे। नाव में निचले हिस्से में अचानक पानी भरने लगा, जिसके चलते बोट अनियंत्रित हो रही थी।
11 जनवरी को मुनंबम बंदरगाह रवाना हुई थी नाव
भारत तटरक्षक बल की ओर जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि आईबीएफ संजू 11 जनवरी को कोच्चि के पास मुनंबम बंदरगाह से रवाना हुई थी। नाव अनियंत्रित होने लगी तो इसकी सूचना आईसीजी को दी गई। जहां पर पोन्नानी तट से करीब 22 मूल दूर हुई। जहां तटरक्षक बल ने पहुंचकर सफल रेस्क्यू के जरिए सभी मछुआरों का बचाल लिया।

12 घंटे चला ऑपरेशन
शुक्रवार को अरब सागर (Arabian Sea) में 12 मछुआरों की जान बचाई। साथ ही एक आईएफबी संजू को डूबने से भी बचाया। भारतीय तटरक्षक बल ने बताया कि केरल के पोन्नानी से तट से 22 मील दूरी पर अरब सागर में एक आईएफबी संजू (नाव) की डूबने की सूचना मिली, जिसके बाद मछुआरों को बचाने के लिए ऑपरेशन चलाया गया। भारतीय तटरक्षक बल ने बताया कि मछुआरों की जान बचाने के लिए तीन आईसीजी जहाज (आईसीजीएस आर्यमन, सी-404 और सी-144) और 01 आईसीजी ध्रुव हेलीकॉप्टर को लगाया गया। लोगों की जान बचाने के लिए 12 घंटे लंबे ऑपरेशन चले और अंततः मछुआरों की जान बचाई गई। रेस्क्यू के दौरान मछली पकड़ने वाली नौका के चालक दल के सदस्यों को भोजन और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की गई।
पंप से निकाला गया नाव के भीतर घुसा पानी
टीम ने डीजल चालित और पानी के भीतर डूबने वाले पंपों की मदद से नौका में घुसे पानी को निकालने का प्रयास शुरू किया। बारह घंटे तक अथक परिश्रम करने के बाद, टीम ने नौका के भीतर घुस रहे पानी पर सफलतापूर्वक काबू पाकर नाव को स्थिर किया। इस दौरान आईसीजीएस आर्यमन का सराहा लिया गया। टीम ने डीजल चालित और पानी के भीतर डूबने वाले पंपों की मदद से नौका में घुसे पानी को निकालने का प्रयास शुरू किया। बारह घंटे तक अथक परिश्रम करने के बाद, टीम ने नौका के भीतर घुस रहे पानी को रोका गया जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई।
आईसीजी ने कहा कि आईबीएफ संजू और उसके चालक दल को मुनंबम बंदरगाह तक सुरक्षित लाया गया। नाव और चालक दल को अझिकोड के मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक के सुपुर्द किया गया है।












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