वादी में हिंसा भड़काने का सालाना खर्च 100 करोड़, पत्थर फेंकने की कीमत 500 रुपए
नई दिल्ली। जिस तरह से आये दिन कश्मीर में सुरक्षा बलों की स्थानीय उपद्रवियों से आमना सामना होता है वह पूरी वादी के माहौल को खराब कर देता है। जो ताजा रिपोर्ट सामने आयी है उसके अनुसार आतंकी संगठन इसके लिए हर साल 100 करोड़ रुपए खर्च करते हैं।
पूर्व रॉ अधिकारी ने कहा कि मीडिया का आतंकियों का समर्थन

अंग्रेजी अखबार मेल टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने के लिए कश्मीरी लड़कों को 500 रुपए दिये जाते है। इस बात का खुलासा खुद यहां के युवा लड़कों ने किया है। वरिष्ठ आईबी अधिकारी के अनुसार गत एक वर्ष में आतंक को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की ओर से 100 करोड़ रुपए खर्च किये जा रहे हैं। यह रकम और मदद आईएसआई के जरिए पीओके में आतंकी एजेंट्स को मुहैया करायी जा रही है।
मौजूदा समय में पीओके पर हिजबुल मुजाहिद्दीन के सैयद सलाहुद्दीन और जमात उद दावा के आतंकी सरगना हाफिज सईद का सिक्का चलता है। आईबी के सूत्र ने दावा किया है कि आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद वादी में अशांति फैलााने के लिए हाफिज सई और सैयद सलाहुद्दीन ने जिम्मा संभाला। आपको बता दें कि बुरहान वानी सोशल मीडिया पर युवाओं को हथियार उठाने और विद्रोह करने के लिए उकसाता था। उसकी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मौत हो गयी थी, उसपर 10 लाख रुपए का इनाम भी रखा गया था।
मेल टुडे की रिपोर्ट के अनुसार वादी में आतंक फैलाने के लिए जो रुपए दिये जाते हैं उसका इस्तेमाल हथियार को खरीदने व कश्मीर में अलगाववादियों की मदद में किया जाता है। पिछले कुछ समय से इन आतंकी संगठनों से जुडने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। मौजूता समय में यहां भर्ती के लिए 91 लोग सक्रिय हैं।
आईबी की खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक बुरहान वानी की मौत के बाद चार नये हिजबुल कमांडरों की नियुक्ति की गयी है जो आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि बुरहान वानी की मौत के बाद अब तक 35 लोगों की हिंसा में मौत हो गयी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कश्मीर के कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।












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