महिला एयरफोर्स ऑफिसर रेप केस: महिला आयोग ने टू फिंगर टेस्ट पर लिया स्वत: संज्ञान
नई दिल्ली, सितंबर 30: तमिलनाडु से एयरफोर्स की महिला अधिकारी के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। महिला अधिकारी ने साथी लेफ्टिनेंट पर रेप करने का आरोप लगाया है। रेप के घटना के बाद पीड़ित महिला अधिकारी के टू फिंगर टेस्ट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अब राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका टू-फिंगर रेप टेस्ट भी कराया गया।

इस मामले में गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है। जिसमें यह बताया गया है कि एक महिला वायु सेना अधिकारी का भारतीय वायु सेना के डॉक्टरों द्वारा दो-अंगुलियों का परीक्षण किया गया था, क्योंकि उसने एक सहकर्मी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला आयोग ने नोटिस में कहा कि, वायुसेना के डॉक्टरों द्वारा पीड़ित अधिकारी के उपर किए गए प्रतिबंधित टू फिंगर टेस्ट की निंदा करता है।
आयोग ने भेजे अपने नोटिस में कहा कि, यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेहलना है। इसके साथ ही नोटिस में लिखा गया कि महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा वर्मा ने इस संबंध में वायु सेना प्रमुख को पत्र लिखकर मामले पर संज्ञान लेने के लिए कहा है। महिला आयोग ने वायुसेना प्रमुख से कहा है कि, वे इस मामले में दोषी डॉक्टर एंव अन्य अधिकारियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करें।
बता दें कि, टू फिंगर टेस्ट के दौरान पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में दो उंगली डालकर टेस्ट किया जाता है। ऐसा करने के पीछे ये पता लगाना होता है कि वहां हायमन मौजूद है या नहीं। यानी ये जानने की कोशिश की जाती है कि महिला ने पहले शारीरिक संबंध बनाए थे या नहीं। भारत में साल 2014 में ही टू फिंगर टेस्ट पर रोक लगा दी गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टू फिंगर टेस्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि ये प्रक्रिया वैज्ञानिक नहीं है।
मामला कोयंबटूर स्थित इंडियन एयरफोर्स कॉलेज इन रेडफीलड्स का है। अगस्त में पूरे भारत से 30 एयरफोर्स ऑफिसर्स ट्रेनिंग के लिए पहुंचे थे। ट्रेनिंग के लिए आई 29 वर्षीय एक महिला अधिकारी को 10 सितंबर को बास्केटबॉल खेलते समय पैर में चोट लग गई, जिसके बाद उन्होंने सोने से पहले दर्द निवारक दवा खाई था। महिला अधिकारी ने बताया कि जब आधी रात में उसकी नींद खुली तो उसने खुद को नग्न अवस्था में पाया और खुद को देखकर हैरान रह गई। तभी उसकी नजर आरोपी अधिकारी पर पड़ी जो उनके बगल में नग्न अवस्था में पड़ा हुआ था। इसके बाद महिला अधिकारी ने एयरफोर्स लेफ्टिनेंट पर रेप करने का आरोप लगाया।
महिला अधिकारी ने दावा किया कि उसने उसी दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीड़िता ने कोयंबटूर शहर के पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया है। कोयंबटूर पुलिस ने पीड़िता के खिलाफ बनाए गए वीडियो को मजिस्ट्रेट को सौंप दिया है।












Click it and Unblock the Notifications