Hyderabad H-CITI Project: सिग्नल-फ्री कॉरिडोर से ट्रैफिक जाम होगा खत्म, बनेंगे 7 फ्लाईओवर और अंडरपास
Hyderabad H-CITI Project: हैदराबाद शहर में ट्रैफिक जाम एक बड़ी परेशानी है। शहर में सड़क परिवहन के दबाव को कम करने के लिए लगातार कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसमें एच-सिटी प्रोजेक्ट के तहत केबीआर पार्क क्षेत्र के आसपास बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक को सिग्नल-फ्री बनाना है। इससो रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिल सके।
इस प्रोजेक्ट के तहत केबीआर पार्क (KBR Park) के आसपास के छह प्रमुख जंक्शन जुबली हिल्स चेकपोस्ट, रोड नंबर 45, मुगदा जंक्शन, महाराजा अग्रसेन जंक्शन और कैंसर अस्पताल जंक्शन को अपग्रेड किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, घड़ी की दिशा में चलने वाला ट्रैफिक अंडरपास से गुजरेगा। विपरीत दिशा का ट्रैफिक फ्लाईओवर के जरिए आगे बढ़ेगा। इससे ट्रैफिक का प्रवाह लगातार बना रहेगा और सिग्नल पर रुकने की जरूरत कम होगी।

Hyderabad H-CITI Project: 2028 है प्रोजेक्ट की डेडलाइन
- निर्माण कार्य फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और मार्च-अप्रैल 2026 तक इसमें महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनुसार, पार्क हयात के पास कई पिलर फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है
- अब राफ्ट फाउंडेशन के लिए स्टील स्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों का लक्ष्य है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को 2028 तक पूरा कर लिया जाए।
H-CITI Project: हाई कोर्ट में डाली गई जनहित याचिका
हालांकि, यह परियोजना पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर विवादों में भी है। केबीआर पार्क को इको-सेंसिटिव जोन माना जाता है और यहां लगभग 3,000 पेड़ों की कटाई को लेकर कई जनहित याचिकाएं तेलंगाना हाई कोर्ट में लंबित हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इस निर्माण से जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अदालत ने फिलहाल निर्माण की अनुमति दी है, लेकिन पर्यावरण नियमों के सख्त पालन के निर्देश भी दिए हैं।
प्रोजेक्ट की लागत ₹1,090 करोड़ से ज्यादा
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,090 करोड़ से अधिक है। साथ ही, जुबली हिल्स जैसे महंगे इलाकों में भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जहां जमीन की कीमतें काफी ऊंची हैं। सरकार ने प्रभावित लोगों को चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया है। यह प्रोजेक्ट हैदराबाद के ट्रैफिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम देने वाला है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।












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