देश पर से टला कोरोना की तीसरी लहर का खतरा! एक्सपर्ट ने टीकाकरण को माना वजह
नई दिल्ली, 23 नवंबर। देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर एक्सपर्ट के द्वारा तरह-तरह के दावे किए गए थे। अगस्त से लेकर सितंबर, अक्टूबर और नवंबर तक कोरोना की तीसरी लहर के आने का दावा एक्सपर्ट ने किया था, लेकिन देश में मौजूदा हालात को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा की देश के उपर से अब तीसरी लहर का खतरा टल चुका है। टाइम्स नाउ की खबर के मुताबिक, एक्सपर्ट का मानना है कि देश में फेस्टिव सीजन के जाने के बाद भी कोरोना के नए मामलों में गिरावट जारी है, जो तीसरी लहर की संभावना को अब बहुत कम कर देती है।

वैक्सीनेशन के चलते टली तीसरी लहर
विशेषज्ञों ने कोरोना के ताजा मामलों में गिरावट के लिए चरणबद्ध तरीके से किए गए टीकाकरण अभियान को वजह माना है। एक्सपर्ट का कहना है कि दूसरी लहर के दौरान देश में जिस तरह वैक्सीनेशन प्रोग्राम तेजी से चलाया गया, उसी का नतीजा है कि अब देश में कोरोना के नए मामलों में गिरावट आ रही है। उनका कहना है कि जहां देश के बड़े हिस्से में हमेशा एक नए संक्रमणीय संस्करण और सर्दियों की शुरुआत की संभावना होती है, वहीं दूसरी लहर के रूप में विनाशकारी तीसरी लहर की संभावना नहीं है।
दिसंबर-जनवरी में बढ़ सकते हैं केस
हालांकि एक्सपर्ट ये जरूर चेता रहे हैं कि दिसंबर या फिर जनवरी में फिर से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है, लेकिन वो बढ़ोतरी इस साल अप्रैल-मई में आई दूसरी लहर जितनी घातक नहीं होगी। विशेषज्ञों का सुझाव है कि देश में कोरोनावायरस के मामलों में गिरावट के पीछे हाइब्रिड इम्युनिटी है। कई वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग स्वाभाविक रूप से COVID से संक्रमित हो जाते हैं और टीकाकरण से पहले ठीक हो जाते हैं, उनमें "हाइब्रिड इम्युनिटी" विकसित होती है, जो केवल टीकाकरण से एंटीबॉडी वाले लोगों की तुलना में बेहतर प्रतिरक्षा है।












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