तूफान का शिकार बने सैकड़ों पशु-पक्षी, कोई उड़ नहीं पाया तो कोई पेड़ से दबा
पक्षियों को बचाने वाली संस्थाओं ने काफी पक्षियों को बचा लिया। हेल्पलाइन के जरिए जहां से भी कबूतर, मोर और तोते घायल होने की सूचना मिली ये टीमें वहां पहुंचीं और बचाव का काम शुरू किया
नई दिल्ली। आगरा में 132 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए विनाशकारी तूफान ने बुधवार रात जिले भर में 53 लोगों की जान ले ली। सैंया के गांव कुकावर में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई। सर्वाधिक 18 मौतें खेरागढ़ तहसील क्षेत्र में हुई हैं। इस तूफान से जहां एक ओर जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया वहीं पशु पक्षी भी इससे अछूते नहीं रहे। इस आसमानी आफत ने बड़ी संख्या में पशु-पक्षियों को भी चपेट में ले लिया।

सैकड़ों तोते भी तूफान का शिकार बन गए
आगरा में कई मोर और सैकड़ों तोते भी तूफान का शिकार बन गए। इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत लोगों में चर्चा की विषय बनी हुई है। खबरों के मुताबिक कई गाय-भैंस व अन्य जानवर भी इस तूफान का शिकार बन गए। कई जानवरों की मौत पेड़ के नीचे दबने से हो गई। वहीं कई पक्षी आसमान में हवा के कारण उड़ ही नहीं पाए और तूफान का शिकार बन गए।

कबूतर, मोर और तोते घायल होने की सूचना मिली
पक्षियों को बचाने वाली संस्थाओं ने काफी पक्षियों को बचा लिया। हेल्पलाइन के जरिए जहां से भी कबूतर, मोर और तोते घायल होने की सूचना मिली ये टीमें वहां पहुंचीं और बचाव का काम शुरू किया। तूफान से फतेहपुरसीकरी के विश्वदाय स्मारकों को भी नुकसान पहुंचा है। शेख हजरत सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में बादशाही दरवाजे के बरामदे की भीतरी ओर बुर्जी का छज्जा टूट कर गिर पड़ा। दरगाह परिसर में ही स्मारक जनाना रोजा की दो बुर्जियों के छज्जे भरभराकर टूट गए। रंग महल स्मारक के ऊपरी हिस्से की पत्थर भी गिरे है।

आंधी और तूफान में चंबल नदी पर बना पैंटून पुल टूट गया
उधर आंधी और तूफान में एक बार फिर चंबल नदी पर बना पैंटून पुल टूट गया । मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों का सम्पर्क टूट गया । पैंटून पुल टूटने के चलते चंबल नदी पार करने वाले सभी वाहन दोनों किनारों पर रातभर खड़े रहे। फतेहपुरसीकरी में ओलावृष्टि से खेत में किसान की मौत हो गई। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में बुधवार को आए तूफान से काफी नुकसान हुआ। बेसिक शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। तूफान के चलते पेड़ गिरने या बाउंड्रीवाल आदि गिरने की घटनाओं से करीब 200 से अधिक स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। प्राथमिक विद्यालय गढ़ी हरलाल में जहां स्कूल के अंदर पेड़ गिर गए। वहीं स्कूल के बाहर बिजली के खंबे और पेड़ गिरने से रास्ता भी बंद हो गया।












Click it and Unblock the Notifications