अंबेडकर के पोते ने किया सवाल- नोटबंदी के बाद RSS कैसे बदल पाएगा डोनेशन में मिला पैसा?
डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते और दलित एक्टिविस्ट प्रकाश अंबेडकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि आखिर आरएसएस को मिलने वाली रकम कैसे बदली जाएगी? क्योंकि वह कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बैन किए जाने के फैसले के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को डोनेशन में मिलने वाले पैसे का क्या होगा? डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते और दलित एक्टिविस्ट प्रकाश अंबेडकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया है कि आखिर आरएसएस को मिलने वाली रकम कैसे बदली जाएगी? क्योंकि वह कहीं भी रजिस्टर्ड नहीं है।

हर साल RSS को डोनेशन में मिलते हैं करोड़ों रुपये
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अंबेडकर ने कहा कि लोगों को साफ निर्देश हैं कि वे किसी भी बैंक से अपने पैसे बदल सकते हैं या जमा कर सकते हैं लेकिन आरएसएस का क्या होगा? क्योंकि यह ना तो कोई कंपनी है, ना ही एनजीओ या ट्रस्ट या राजनीतिक पार्टी।
हर साल विजयदशमी पर नागपुर में होने वाली आरएसएस की रैली में लोग खूब चंदा देते हैं, जो ज्यादातर 500 और 1000 रुपये के नोट होते हैं। आखिर संघ अब उन पैसों का क्या करेगा? उन्होंने कहा कि आरएसएस को मिलने वाला डोनेशन करोड़ों में है और यह कोई छुपी बात नहीं है। आरएसएस के प्रमुख हर साल खुलेआम इसकी घोषणा भी करते हैं।
VHP को मिले थे 700 करोड़ रुपये
प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि संघ ना तो राजनीतिक पार्टी है ना ही किसी भी राज्य के अंतर्गत ट्रस्ट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड है। ऐसे में वह कैसे अपनी धनराशि बैंक में क्लेम कर सकता है। उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वीपी सिंह के कार्यकाल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) को 700 करोड़ रुपये डोनेशन मिला था जिसमें से ज्यादातर पैसा अमेरिका से आया था। लेकिन वीपी सिंह की सरकार गिरते ही मामले की जांच बंद कर दी गई थी और किसी को पता नहीं चला कि वो पैसा कहां गया।












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