Vande Bharat Sleeper: कैसा होगा वंदे भारत का स्लीपर कोच, कैसे 'राजधानी' जैसी AC ट्रेनों से है अलग?
Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की लोकप्रियता पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ी है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अब भारतीय रेलवे ने इसका स्लीपर वर्जन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। ये बाकी एसी ट्रेनों से काफी अलग दिख रही है।
वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर का डिजाइन और इंटीरियर का काम लगभग पूरा हो चुका है और रेल मंत्रालय 16-कोच वाली ट्रेन को अब कुछ फाइनल टच दे रही है। लोकसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर होने के कारण रेल मंत्रालय नए साल के आसपास इस नई ट्रेन को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। नई ट्रेनों का काम खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2024 है।

न्यूज18 के मुतबिक के रेलवे अधिकारी ने कहा कि, बुनियादी डिजाइन को फाइनल तैयार कर लिया गया है। हम फिलहाल छोटी-छोटी डिटेलिंग पर काम कर रहे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि ट्रेन को नए साल के आसपास शुरू किया जाएगा।
बाकी AC ट्रेनों से कैसे अलग होगा वंदे भारत का स्लीपर कोच?
1. सामान्य एसी स्लीपर ट्रेनों यहां तक कि राजधानी और तेजस की तुलना में, वंदे भारत में बेहतर और अच्छी सुविधाएं होंगी। 'राजधानी' जैसी एसी ट्रेनों से वंदे भारत का स्लीपर कोच काफी अलग होगा।
2. इसका इंटीरियर पुरानी ट्रेनों जैसा नहीं है। ट्रेन में मौजूदा स्लीपर कोचों की तुलना में इसमें बर्थ बड़े और ज्यादा जगह वाले होंगे। इसका इंटीरियर 'क्लासिक और कंफर्टेबल' की थीम को ध्यान में रखकर किया गया है। यह यात्रियों को बेहतर आराम के साथ-साथ एक लग्जरी फील भी देगा।
3. यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में होटल जैसा बड़ा और शानदार बाथरूम होगा।
4. वहीं इस कोच में हर यात्री के लिए एक अलग से चार्जिंग पोर्ट होगा।
5. इसमें सोने की व्यवस्था होगी। प्रत्येक कोच के लिए एक समर्पित पेंट्री होगी।
6. अधिकारियों ने कहा, वंदे भारत ट्रेनों की अत्याधुनिक विशेषताएं स्लीपर वर्जन में भी होंगी।
7. नई ट्रेनों में ऑन-बोर्ड इंफोटेनमेंट, एक सार्वजनिक घोषणा प्रणाली और आपातकालीन स्थिति में यात्रियों के लिए लोको पायलट से बात करने की सुविधा होगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में होंगे 16 कोच
-वंदे भारत और इसके वेरिएंट को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) बना रही है। ये कंपनी फिलहाल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के 16 कोच के शुरुआती डिजाइन पर काम कर रही है। पूरी तरह से एसी ट्रेन में 11 थ्री-टियर कोच, चार टू-टियर कोच और एक फर्स्ट क्लास कोच होगा।
ICF ने कहा है कि, "हालांकि यह सिर्फ शुरुआती डिजाइन है, बाद के वर्जन में कोचों की संख्या कम ज्यादा हो सकती है।
वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर और चेयर-कार वर्जन की स्पीड एक जैसी समान होगी। स्लीपर वर्जन को भी 160 किमी प्रति घंटे की गति से चलने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।












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