चीन को कैसे दिया जाए जवाब, पढ़िए वनइंडिया के पाठकों की चुनिंदा राय

एक तरफ जहां दुनिया कोरोना महामारी के प्रकोप से गुजर रही है, वहीं दूसरी ओर भारत विश्व का इकलौता ऐसा देश है जो वर्तमान समय में कोरोना वायरस और इस वायरस का जनक कहे जाने वाले चीन से भी दो-दो हाथ कर रहा है. देश में एक ओर जहां कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इस वायरस से लड़ रहे हैं। वहीं भारत-चीन सीमा (LAC) पर भारतीय सेना के जवान चीनी सेना से लोहा ले रहे हैं. इससे पहले भी तीन मौकों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं. 1962 की जंग में भारत की हार की कसक तो आज भी हर हिन्दुस्तानी के दिलों में जिंदा है. इसी युद्ध का असर है कि आज इतने सालों बाद भी दोनों देशों के बीच रिश्तों की खटास कम नहीं हो पाई है.

गलवान घाटी में हिंसा
भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसा ने हालात को और भी ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है. यही वजह है कि भारत-चीन के बीच इस समय रिश्ते बेहद नाज़ुक दौर में हैं. 15-16 जून की रात गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर दोनों देशों के जवानों बीच जो कुछ हुआ वह सबको पता है, हालांकि चीन की तरफ से हुई हरकत पर उसने लीपापोती की पूरी कोशिश की है।
गलवान घाटी में कमांडिंग ऑफिसर सहित 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद देश के लोगों में गुस्सा है और हर एक की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि चीन को किस तरह उसकी इस हरक़त का जवाब दिया जाए. हमने अपने पाठकों से चीन को जवाब देने का तरीका पूछा, तो सबके अलग-अलग विचार मिले. आइए जानते हैं क्या चाहती है देश की जनता.

उसी भाषा में दिया जाए जवाब
20 जवानों की शहादत से देश में गुस्से का माहौल है. कई लोग चाहते हैं, चीन के साथ "जैसे को तैसा" वाला व्यवहार किया जाए, यानी उसकी हर हरकत का चीन पर मुंहतोड़ जवाब दिया जाए, ताकी वो दोबारा भारत की जमीन की ओर आंख उठा कर नहीं देखे. मोहम्मद जहीन नाम के यूजर भारत की ओर से आक्रमण की मांग की है. उनका कहना है कि युद्ध ही चीन को सबक सिखाने का एकमात्र तरीका है.

चीनी सामानों का बहिष्कार
हितेश नाम के यूजर ने वन इंडिया को भेजी अपनी राय में कहा कि हर एक भारतीय को चाइनीज प्रोडक्ट को बॉयकॉट करने की मुहिम की शुरूआत करनी चाहिए. हर चीनी उत्पाद के जैसे oppo, vivo, MI के पोस्टर दुकानदारों को अपनी दुकान से उठाकर फेंक देना चाहिए. वहीं जितेंद्र गुप्ता समेत कई लोग हितेश की राय से सहमत दिखे. उन्होंने कहा कि भारत को चीन के साथ सभी व्यापार बंद करने चाहिए.

बातचीत ही हल
महेंद्र नाम के एक यूजर ने कहा कि हमें युद्ध नहीं चाहिए, हमें शांति चाहिए. उनसे कई यूजर सहमत दिखे. ओमप्रकाश नाम के दूसरे यूजर ने कहा कि युद्ध किसी भी विवाद का हल नहीं है, राजनीतिक तरीके से विवाद को सुलझाना बेहतर होगा.

देश को एकजुट होने की अपील
वहीं कुछ लोगों ने राजनीतिक पार्टियों को सैनिकों को शहादत पर राजनीति नहीं करने की अपील की. सुनील नाम के यूजर ने लिखा कि इस मुश्किल वक्त में कांग्रेस को सरकार पर सवाल नहीं उठाना चाहिए, बल्कि सरकार का साथ देना चाहिए. उनके इस विचार से भी कई यूजर सहमत दिखे.












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