गुजरात चुनावों में भाजपा और कांग्रेस ने कितना किया खर्च
गुजरात के रण में भाजपा और कांग्रेस ने जमकर पसीना बहाया है। गुजरात में गुरूवार को मतदान होना है। लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि गुजरात के इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने कितना पैसा बहाया है। इसका जवाब अगले तीन महीनों में सामने आ जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक राज्यों के चुनाव में राजनीतिक दलों के 75 दिनों के अंदर यह बताना जरुरी होता है कि चुनावों में कितना पैसा खर्च किया गया है।

अगर 2012 के चुनावों की बात करें तो दोनों पार्टियों ने 2007 के चुनावों की तुलना में पांच गुना अधिक पैसा खर्च किया था। भाजपा ने 2007 के चुनावों में 152 करोड़ रुपए खर्च किए थे। जो कि 2007 कि तुलना में 10 गुना अधिक पैसा खर्च किया था। वहीं इसी चुनाव में कांग्रेस ने 117 करोड़ रुपए खर्च किए थे जिसमें कोई खास वृद्धि नहीं हुई थी।
चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए खर्चे की एक सीमा तय की है। विधानसभा चुनावों में एक प्रत्याशी केवल 16 लाख रुपए खर्च कर सकता है। लेकिन राजनीतिक दलों को चुनावों में कितना खर्च करना है इसके लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। 2012 में भाजपा ने अपने एक विधायक पर औसतन 8.46 लाख रुपए खर्च किए थे। जबकि कांग्रेस ने अपने विधायक पर 8.98 लाख रुपए खर्च किए।
दलों ने पैसे के अलावा अन्य चीजों पर खर्च किया है। जिसे इस खर्चे के अंदर शामिल नहीं किया गया है। 2007 और 2012 में दोनों राजनीतिक दलों के यात्रा खर्चे में काफी कमी देखी गई है। लेकिन अगर पब्लिसिटी के खर्चे की बात करें तो भाजपा ने इस मद में सबसे अधिक खर्च किया। 2012 के चुनावों में पब्लिसिटी पर भाजपा ने अपने कुल बजट का लगभग 90 प्रतिशत खर्च किया था। तो वहीं कांग्रेस ने कुल बजट का 50 से 52 प्रतिशत खर्च किया।












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