पर्रिकर आज छोड़ सकते हैं सीएम पद, पर कैसे मिला रक्षामंत्री बनने का ऑफर

नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। हरबर्ट बेकर के डिजाइन किए हुए साउथ ब्लाक में टैक्नोक्रेट की छवि वाले 58 साल के मनोहर गोपालकृष्ण प्रभु पर्रिकर बतौर रक्षामंत्री अपनी अगली पारी शुरू करने वाले हैं। इसके लिये गुरुवार को पर्रिकर गोवा के सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं। क्या आप यह नहीं जानना चाहेंगे कि पर्रिकर को रक्षामंत्री बनने का ऑफर कब और कैसे मिला?

Manohar Parrikar

बताया जाता है कि मुंबई में देवेंद्र फडणवीस के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे रक्षा मंत्री बनने को कहा। और बुधवार को उन्हें साफ कर दिया गया कि उन्हें अब रक्षा मंत्री की ज़िम्मेदारी संभालनी होगी।

मोदी-पर्रिकर में घनिष्ठता

पर्रिकर को दिल्ली में अहम जिम्मेदारी देने का मतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उनसे बेहद करीबी संबंध हैं। वैसे गोवा भी मोदी के लिए खास अहमियत रखता है। बता दें कि गुजरात दंगों के बाद जब मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री से हटाने की बात चली, तब गोवा में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही पूरी पार्टी उनके पीछे थी।

वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा कहते हैं कि साल 2013 में गोवा में हुई बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में मोदी को चुनाव समिति की कमान सौंप कर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाया गया था। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का दिल्ली के बाहर पहला दौरा भी गोवा में ही था।

पर्रिकर को 2009 में बीजेपी का अध्यक्ष बनाने की पूरी तैयारी हो गई थी। मगर तब बात किसी स्तर पर फंस गई। बाद वे गोवा के मुख्यमंत्री बने और अपने बयानों को लेकर सुर्खियां बटोरते रहे। साफ-सुथरी, ईमानदार मगर आक्रामक छवि के लिए पर्रिकर मशहूर रहे हैं। काम करने और सादगी को लेकर उनकी तारीफ होती रही है। राज्य में वो आम लोगों के ही बीच रहते हैं।

गोवा में पर्रिकर ने मजबूत राजनीति की है। अच्छी खासी संख्या के ईसाई वोट वाले इस राज्य में पर्रिकर ने पार्टी को ताकत दिला कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दिल जीता। सूत्रों का कहना है कि पहले पर्रिकर दिल्ली आने को तैयार नहीं थे। हालांकि उन्हें काफी दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वो दिल्ली आ कर रक्षा मंत्रालय संभालें।

मोदी ने बहुत सोच समझकर पर्रिकर का चुनाव किया है। रक्षा मंत्री के रूप में पर्रिकर को दिल्ली आना उनमें मोदी के भरोसे को भी दिखाता है। मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के सफर में पर्रिकर ने खुल कर उनका साथ दिया।

नई ज़िम्मेदारी के साथ पर्रिकर का कद बहुत ऊंचा हो गया है। बतौर रक्षा मंत्री वो सरकार के पांच शीर्ष नेताओं में से एक हो जाएंगे। वो कैबिनेट की रक्षा मामलों की समिति यानी सीसीए के सदस्य रहेंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+