जानिए कौन सी ड्रग्स सोनाली फोगाट के लिए हुआ जानलेवा साबित! क्यों है इतनी खतरनाक
नई दिल्ली, 28 अगस्त। भाजपा नेता सोनाली फोगाट की मौत के बाद से एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। पहले जहां पुलिस ने शुरुआती दौर में कहा था कि सोनाली फोगाट की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। लेकिन जिस तरह से सोनाली फोगाट के परिवार ने मौत पर सवाल खड़े किए और सोनाली फोगाट की अटॉप्सी में चोट की बात सामने आई उसके बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। सोनाली फोगाट मामले में हत्या का केस दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार एक्शन में है, इस मामले में अभी तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमे दो ड्रग पैडलर और सोनाली फोगाट के दो सहयोगी भी शामिल हैं।
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वीडियो सामने आने से आया ट्विस्ट
सोनाली फोगाट की मौत से पहले के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि सोनाली फोगाट को उनके दोनों सहयोगी लेकर जा रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि सोनाली ठीक से चल भी नहीं पा रह हैं और लड़खड़ा रही हैं। दूसरा वीडियो जो सामने आया है उसमे देखा जा सकता है कि सोनाली फोगाट को जबरन उनके पेय पदार्थ में कुछ डालकर पिलाया जा रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि सोनाली को ड्रग्स दिया गया है।

करीबी सहयोगी गिरफ्तार
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर वो कौन सा ड्रग्स सोनाली फोगाट को दिया गया जिसको पीने के बाद सोनाली की मौत हो गई। सोनाली फोगाट के करीबी सुधीर सांगवान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने पूछताछ में यह बताया है कि सोनाली को कर्लीज होटल में ड्रग्स दिया गया था। जिसके बाद सोनाली के होटल के वॉशरूम से ड्रग्स भी बरामद की गई है। जो ड्रग्स बरामद किया गया है उसका नाम मेथामफेटामाइन है। आखिर कितना खतरनाक यह ड्रग्स है, जिसने सोनाली की जान ले ली, हम इसकी तफ्तीश करने की कोशिश करेंगे।

क्या है मेथामफेटामाइन
मेथामफेटामाइन की बात करें तो इसकी खोज 1893 में हुई थी। इसे क्रैंक, स्पीड और मैथ के नाम से भी जाना जाता है जिसका सेवान नशे के लिए किया जाता है। यह शक्तिशाली उत्तेजक है, जो सीधा तौोर पर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है। मेथामफेटामाइन बहुत ही नशीला होता है। इस ड्रग्स का शरीर में पता लगाने के लिए यूरिन टेस्ट किया जाता है। सामान्य तौर पर इस ड्रग्स को सूंघकर या फिर खाकर लिया जाता है। इसे इंजेक्शन के जरिए भी नसों में लिया जाता है।

कितना खतरनाक है ये ड्रग्स
आमतौर पर इस ड्रग्स का असर 6-8 घंटे तक रहता है। कभी-कभी इसका असर 24 घंटे तक भी रहता है। इस ड्रग्स का इस्तेमाल करने वाले को बहुत ही खुशी का एहसास होता है। मेथामफेटामाइन दिखने में काफी चमकीला क्रिस्टल जैसा होता है। अगर इसके स्वाद की बात करें तो यह कड़वे पाउडर या कड़वी गोली की तरह होता है। इसकी रासायनिक संरचना एम्फैटैमिन जैसी होती है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में एडीएचडी या नार्कोलेप्सी में किया जाता है।

शरीर पर क्या होता है असर
मेथामफेटामाइन के इस्तेमाल से शऱीर का केंद्रीय तंत्रिका तंत्र आंशिक तौर पर काम करना बंद कर देता है। इससे भ्रम, गुस्सा और हिंसा जैसी प्रवृत्ति उत्पन्न होती है। इसका असर सीधे तौर पर दिमाग पर होता है। यह डोपामाइन कैमिकल को बढ़ा देता है। जिसकी वजह से शरीर में खुशी, उत्साह, जोश की अनुभूति होती है। यही वजह है कि इसका इस्तेमाल करने वाला अस्थायी तौर पर बहुत खुशी महसूस करता है। इसका सेवन एक बार करने से बार-बार सेवन करने की इच्छा उत्पन्न होती है।












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