मौसमी फ्लू और आम सर्दी-जुकाम से किस तरह अलग है कोरोना वायरस, जानिए लक्षणों से कैसे करें पहचान
नई दिल्ली। देश-विदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से लोगों में इस महामारी को लेकर आतंक का माहौल है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि सरकारों को इस वायरस से अपने नागरिकों को बचाने के लिए अलर्ट जारी करना पड़ा है। कोरोना वायरस को लेकर लोगों में इतना डर फैल गया है कि उन्हें मौसमी सर्जी-जुकाम होने पर भी लगता है कि वह संक्रमित हो गए हैं। भारत में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब लोग गलतफहमी का शिकार हो गए। हालांकि कोरोना वायरस को लेकर सतर्क रहना अच्छी बात है लेकिन लोग सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षणों को भी संक्रमण मान ले रहे हैं। आज हम आपको कोरोना के कुछ ऐसे लक्षणों को बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप इसकी पहचान कर सकते हैं।

लोगों में है लक्षणों को लेकर गलतफहमी
आम तौर पर लोगों में मौसमी फ्लू, समान्य सर्दी-जुकाम और कोरोना वायरस के लक्षणों को लेकर असमंजस है। कुछ हद तक इन तीनों बीमारियों के लक्षण आपस में मेल भी खाते हैं इसलिए इसको लेकर गलतफहमी होना लाजमी भी है। ये तीनों संक्रमण लोगों में वायु, दूषित स्थान और जनित श्वसन बूंदों से फैलते हैं। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, हम आपको इन तीनों संक्रमण के लक्षणों में मुख्य अंतर को बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप खुद इन तीनो बीमारियों में फर्क कर पाएंगे।

कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में आम तौर पर बुखार, सूखा कफ, थकान, बदन दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं, कई मरीजों ने बताया कि उन्होंने इस दौरान सिरदर्द, कफ में खून का आना, और दस्त का भी सामना किया है। वहीं, कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों में इसका वायरस 1 से 14 दिनों में अपना असर दिखाता है लेकिन कई मरीजों को सामान्य होने में 24 दिन भी लगे हैं। वहीं इस बीमारी से ठीक होने में 2 हफ्ते का समय लगता है लेकिन कई केस में मरीजों को ठीक होने में 6 हफ्ते भी लग गए हैं। अभी इस संक्रमण से लड़ने के लिए किसी भी तरह की दवाई या विरोधी वायरल उपलब्ध नहीं है, इसका इलाज सिर्फ इसके लक्षणों से हो सकता है।

मौसमी फ्लू के लक्षण
अगर मौसमी बुखार या फ्लू की बात करें तो इसकी शुरुआत भी कोरोना वायरस के लक्षणों जैसी ही होती है। मौसमी फ्लू के मरीजों को भी बुखार, सूखा कफ, थकान और बदन दर्द के अलावा सामान्य लक्षणों में गले में खराश, बहती या भरी हुई नाक भी शामिल है। वहीं आम लक्षणों में दस्त और उल्टी की भी शिकायत देखने को मिली है। हालांकि कोरोना वायरस के मामलों में बहती या भरी हुई नाक और छींकने के लक्षण कम ही देखे गए हैं। मौसमी फ्लू के लिए ऊष्मायन अवधि 1 और 4 दिन के बीच होती है वहीं, कुछ गंभीर मामलों में पूरी तरह से ठीक होने में दो सप्ताह लग सकते हैं। मौसमी फ्लू और कोरोना के लक्षण समान्य होने पर इनमें फर्क करना आसान नहीं है इसलिए ऐसे समय में आपको चिकित्सा सहायता लेने की जरूरत है। हालांकि एक वार्षिक मौसमी फ्लू वैक्सीन इलाज के रूप में उपलब्ध है।

सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण
कोरोना वायरस और मौसमी फ्लू के बाद सामान्य सर्दी-जुकाम के लक्षण की बात करें तो इसमें आपको छींक आना, नाक बहना या भरा हुआ होना, गले में खराश होना शामिल है। आम लक्षणों में हल्का बुखार होना, मासपेशियों और शरीर में दर्द, सिर दर्द और थकान महसूस हो सकती है। इस मामले में ऊष्मायन अवधि 2-3 दिन है, लेकिन कुछ गंभीर मामले 10 दिनों तक रह सकते हैं। इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, हालांकि लक्षणों के लिए कुछ दवाएं दी जाती हैं।

ध्यान रखने वाली बात
कोरोना वायरस, मौसमी फ्लू और सामान्य सर्जी-जुकाम के लक्षण एक जैसे होने की वजह से इसमें फर्क करना आसान नहीं है लेकिन यहां ध्यान देने वाली एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भरी हुई, बहती नाक और छींकने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस है। ऐसे मामलों में आपको यही सलाह दी जाती है कि बताए गए लक्षणों में से आपको कुछ भी महसूस होता है तो अब तुरंत अस्पताल जाएं और चिकित्सा सहायता लें।
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