कैसे 200 हीरोज के साथ मिशा और डॉट ने बचाई हनुमनथप्‍पा की जिंदगी

नई दिल्‍ली। मंगलवार को सियाचिन ने पूरे देश को एक गुड न्‍यूज मिली है। यहां पर 25 फीट बर्फ के नीचे लांस नायक हनुमनथप्‍पा अपने आत्‍मविश्‍वास और हिम्‍मत के दम पर अपनी सांसों को थामकर रखे हुए थे।

करीब एक हफ्ते पहले उनके नौ साथी सियाचिन में आए बर्फीले तूफान की वजह से शहीद हो गए थे लेकिन लांस नायक हनुमनथप्‍पा के लिए भगवान ने अभी जिंदगी के और पल लिखे थे।

मां के भरोसे ने दी हनमंथप्पा को सियाचिन में जिंदगी

दिल्‍ली स्थित आर्मी के रेफरल एंड रिसर्च अस्‍पताल में भर्ती हनुमनथप्‍पा को देश की दुआओं की जरूरत है क्‍योंकि वह कोमा में हैं।

उनकी जिंदगी को बचाने के लिए इंडियन आर्मी ने अपने एक दो नहीं बल्कि पूरे 200 हीरोज को रेस्‍क्‍यू मिशन पर लगा दिया था। शायद इन 200 हीरोज की मेहनत का नतीजा है कि आज हनुमनथप्‍पा जिंदा हैं।

न सिर्फ सेना के जवान और अफसर बल्कि आर्मी डॉग स्‍क्‍वायड के दो डॉग्‍स भी इस मिशन का हिस्‍सा थे। आगे की तस्‍वीरों में देखिए लांस नायक हनुमनथप्‍पा का रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन।

आसान नहीं था रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन

आसान नहीं था रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन

लांस नायक हनुमनथप्‍पा को बचाने के लिए शुरू किया गया रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन इतना आसान नहीं था। इंडियन आर्मी के 200 जवानों की एक पूरी टीम को भी यहां पर भेजा गया था। इस टीम के अलावा रेस्‍क्‍यू मिशन में चॉपर्स, रडार्स, और बर्फीली चट्टानों को काटने के लिए खास उपकरण भी शामिल था।

इंसान का सच्‍चा दोस्‍त

इंसान का सच्‍चा दोस्‍त

इस रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में आर्मी डॉग स्‍क्‍वॉयड के दो डॉग्‍स मिशा और डॉट को भी शामिल किया गया था। इंडियन आर्मी अपने इन दोनों बहादुरों की भी तारीफ करती नहीं थक रही है। हनुमनथप्‍पा किस जगह पर हैं इसका पता लगाना भी आसान नहीं था।

खराब मौसम सबसे बड़ा विलेन

खराब मौसम सबसे बड़ा विलेन

रेस्‍क्‍यू टीम को जब हनुमनथप्‍पा के बारे में पता लगा तो उन्‍हें बर्फ के एक-एक इंच को टुकड़ों में काटना था। टीम को पता लगा कि 800 मीटर तक के दायरे में कई गुना बर्फ मलबे के रूप में पड़ी हुई है। इसके अलावा खराब मौसम ने रेस्‍क्‍यू में बार-बार बाधा डाली। बर्फ की हवाओं ने टीम को सबसे ज्‍यादा मुश्किल में डाला।

-55 डिग्री में हुआ कमाल

-55 डिग्री में हुआ कमाल

डेड बॉडीज को तलाशते समय टीम ने कभी अपनी दृढ़ इच्‍छा शक्ति और आत्‍मविश्‍वास को कमजोर नहीं पड़ने दिया। इंडियन आर्मी के एक स्‍पोक्‍सपर्सन के मुताबिक हनुमनथप्‍पा ने भी जिंदा रहने का जज्‍बा दिखाया। शायद यह सबसे बड़ी वजह है कि ऐसी जगह पर जहां तापमान -55 डिग्री से -30 डिग्री तक चला जाता है, वहां पर एक जिंदगी छह दिनों तक सांसे ले रही थी।

डॉक्‍टरों की टीम रख रही है नजर

डॉक्‍टरों की टीम रख रही है नजर

हनुमनथप्‍पा अभी वेंटिलेटर पर हैं और कोमा में हैं। आरआर अस्‍पताल में स्‍पेशलाइज्‍ड डॉक्‍टरों की एक टीम उन पर नजर रखे हुए है। इसके अलावा हनुमनथप्‍पा के गांव समेत सभी देशवासी उनकी जिंदगी के लिए दुआएं कर रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+