गृह मंत्रालय CBI को भेजेगा मणिपुर वायरल वीडियो का मामला, केंद्र SC से करेगा मणिपुर से बाहर सुनवाई का अनुरोध

गृह मंत्रालय सीबीआई को मणिपुर में वायरल वीडियो का मामला भेजेगा, जिसके बाद सीबीआई इस मामले की जांच कर सकती है।

गृह मंत्रालय (MHA) मणिपुर में वायरल हुए वीडियो के मामले को सीबीआई को भेजेगा। इस वायरल वीडियो में दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके सड़क पर घुमाया गया। इस पर एक्शन लेते हुए गृह मंत्रालय ने ये कड़ा कदम उठाया है। साथ ही केंद्र भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर करवाने का ्अनुरोध करेगा।

खबरों के अनुसार, गृहमंत्रालय ने इस मामले को सीबीआई को भेजेगी, जिसके बाद वायरल वीडियो मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इसके साथ ही केंद्र भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर वायरल वीडियो मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर कराने का अनुरोध करेगा।

Home Ministry

मणिपुर की राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर के कंगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर पूरे इलाके में घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मामले को लेकर एनडीए सरकार पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा था कि मणिपुर से आ रही महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। महिलाओं के साथ घटी इस भयावह हिंसा की घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। समाज में हिंसा का सबसे ज्यादा दंश महिलाओं और बच्चों को झेलना पड़ता है। हम सभी को मणिपुर में शांति के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हिंसा की एकस्वर में निंदा करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री जी आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?

वहीं, इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर पर पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी अराजकता पैदा कर रही है। भारत चुप नहीं रहेगा जब तक कि आइडिया ऑफ इंडिया पर हमला होगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एक मात्र रास्ता है। त्रिपुरा पार्टी मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत बिक्रम देब बर्मा ने कहा कि ये मामला परेशान करने वाला है। भीड़ महिलाओं को नग्न अवस्था में लेकर जा रहे हैं, नफरत मणिपुर में जीत गई है।

बता दें कि मणिपुर में 3 मई से दो आदिवासी समुदाओं मैतेई और कुकी के बीच जातीय झड़प हो गई। मणिपुर में आदिवासियों को लेकर कुछ खास कानून हैं, जिसके तहत वे पहाड़ी इलाकों में रह सकते हैं। वहीं, मैतई समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने के कारण वो पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते हैं। जिसके लिए मैतई समाज खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा हासिल करवाने की मांग कर रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+