Holi and Coronavirus: कोरोना वायरस के कहर के बीच इस तरह खेलें होली, जानिए सेफ्टी टिप्स
नई दिल्ली। होली का त्योहार होता है मस्ती का लेकिन इस बार कोरोना वायरस के खौफ ने होली की मस्ती को फीका कर दिया है, भारत में कोरोना वायरस के अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं जिससे लोग काफी दहशत में नजर आ रहे हैं., इसी वजह है कि इस बार कई लोगों ने होली न खेलने का फैसला लिया है लेकिन लोगों को दुखी होने की जरूरत नहीं है, आप कुछ टिप्स के जरिए इस होली को भी शानदार मना सकते हैं।

रखें इन बातों का ख्याल
आप इस बार गीले रंगों से होली ना खेलें, बल्कि अबीर और गुलाल का प्रयोग करें, दरअसल में कोरोनावायरस वेट पार्टिकल्स में ही ट्रेवल कर पाता है. ऐसे में अगर आप सूखी होली का विकल्प चुनते हैं तो यह सुरक्षित हो सकता है।

सैनटैइजर का इस्तेमाल करें
- अगर किसी को भी नार्मल जुकाम या खांसी हुई है तो होली खेलने की सोचे ही ना।
- अगर आपको नाक और आंख से पानी आए तो नजरअंदाज मत कीजिए, तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- किसी मेहमान के साथ होली खेल रहे हैं को सैनटैइजर का इस्तेमाल करें।
- बाहर से मिठाई मंगाने से अच्छा है कि घर की बनी मिठाईयां और पकवानों को खाएं।

मस्ती में आकर किसी से गले ना मिलें
- अबीर और गुलाल भी लोगों को दूर से फेंककर लगाएं।
- मस्ती में आकर किसी से गले ना मिलें।
- भीड़भाड़ वाली जगह जाकर होली खेलने से अच्छा है कि आप अपनी छत या आंगन का प्रयोग अपने ही परिवार या दोस्तों संग करें।

कुछ बेहद खास बातें
- होली हमेशा फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनायी जाती है। यह पर्व दो दिनों का होता है, पहले दिन 'होलिका दहन' होता है और दूसरे दिन रंग खेला जाता है, जिसे 'धुरड्डी', 'धुलेंडी', 'धुरखेल' या 'धूलिवंदन' कहा जाता है।
- होली का पर्व भारत में काफी पुराने वक्त से मनाया जा रहा है, जिसका जिक्र मुस्लिम साहित्यों में भी मिलता है। सुप्रसिद्ध मुस्लिम पर्यटक अलबरूनी ने भी अपने ऐतिहासिक यात्रा संस्मरण में होलिकोत्सव का वर्णन किया है, जिनके मुताबिक यह पर्व लोगों के बीच खुशी बांटने के लिए मनाया जाता था।












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