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HMPV Prevention Tips: अगर आपके घर में किसी को हो जाए एचएमपीवी वायरस, तो सबसे पहले क्या करें, जानें हर डिटेल?

HMPV Prevention Tips In Hindi: भारत में भी ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस यानी एचएमपीवी के मामले अब सामने आने लगे हैं। कर्नाटक के बेंगलुरु में में नियमित जांच के दौरान आईसीएमआर को एचएमपीवी के दो मामले मिले हैं। दोनों मामलों में संक्रमण बच्चों में पाया गया है। एक तीन महीने की बच्ची और एक आठ महीने के बच्चे में। तीन महीने की बच्ची को हालांकि इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

एचएमपीवी संक्रमण के बढ़ने के बीच भारत में इसको लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। सरकार द्वारा कहा गया है कि इसको लेकर फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। सभी राज्यों को एचएमपीवी को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आप अपना और अपने परिवार का एचएमपीवी से कैसे ख्याल रख सकते हैं।

HMPV Prevention Tips

🔴 What is HMPV Virus: ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस क्या है?

साइंस डाइरेक्ट के मुताबिक इस वायरस की उत्पत्ति आज से 200 से 400 साल पहले चिड़ियों से हुई थी। उसके बाद ये ये वायरस खुद बार-बार बदलता रहा है और अब ये वायरस चिड़ियों को संक्रमित नहीं कर सकता है। इंसानों मे इसकी खोज साल 2001 में हुई थी।

ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस यानी एचएमपीवी का पता सबसे पहले 2001 में चला था। एचएमपीवी वायरस न्यूमोविरिडे परिवार से संबंधित है, जो कि रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) का ही परिवार है।

🔴 HMPV वायरस को लेकर क्या बोले डॉक्टर अतुल गोयल?

भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉक्टर अतुल गोयल ने इसको लेकर कहा, ''ये एक आम वायरस है। ये सांस की नली में संक्रमण करता है। इसके कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसी बीमारी हो सकती है। ये सालभर से कम उम्र के बच्चों और बुज़ुर्गों में देखने को मिल सकता है।''

अतुल गोयल ने यह भी जानकारी दी है कि इस वायरस के संक्रमण के अधिक मामले अब तक भारत में दर्ज नहीं किए गए हैं। अतुल गोयल ने कहा कि ये कोई गंभीर बीमारी नहीं करता है कि इसलिए किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। सर्दियों के दिनों में वैसे भी सर्दी-बुखार और खांसी जैसे मामले देखने को मिल जाते हैं। हमारी तैयारी पूरी है और हमारे अस्पताल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

डॉक्टर अतुल गोयल ने कहा है कि हम लगातार चीन में इस वायरस के डेटा पर नजर बनाए हुए हैं। ये संक्रमण ज्यादातर सर्दी और वसंत ऋतु में होता है। पिछले साल दिसंबर में इस वायरस के आंकड़ों में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई थी।

🔴 HMPV symptoms: अगर किसी में दिखे ऐसे लक्षण तो, फौरन करें डॉक्टर से संपंर्क?

  • खांसी
  • नाक बंद होना
  • बुखार
  • गले में खराश
  • सांस लेने में तकलीफ
  • हालांकि संक्रमण के अधिक बढ़ने पर ये वायरस ब्रोन्काइटिस या निमोनिया तक हो सकता है।

(नोट: ऐसे लक्षण तीन दिन तक रहते हैं, तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं)

🔴 HMPV इन्क्यूबेशन पीरियड कितना होता है?

इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड अमूमन तीन से छह दिन का होता है। लेकिन बीमारी का वक्त कम या अधिक हो सकता है। ये संक्रमण कितना गंभीर है, इस बात पर निर्भर करता है।

डॉक्टरों का कहना है कि ये कोई नया वायरस नहीं हैं। 20 सालों से इंसानों को इसके बारे में जानकारी है। सर्दियों के वक्त में इसके संक्रमण के मामले आते हैं। ये फ्लू वायरस जैसा है।

🔴 How is HMPV spread? एचएमपीवी कैसे फैसला है?

  • एचएमपीवी खांसी और छींक से के दौरान निकलने वाले थूक के कणों से फैलता है।
  • इसके अलावा हाथ मिलाने, गले मिलने या एक दूसरे को छूने से भी ये फैलता है।
  • अगर खांसी और छींक के कारण किसी सतह पर स्लाइवा के कण गिरते हैं तो उस सतह पर हाथ लगाने के बाद आप उस
  • हाथ से अपने चेहरे, नाक, आंख या मुंह को छूते हैं तो ये वायरस संक्रमित कर सकता है।

🔴 HMPV Tips: अपने और अपने परिवार के लिए इन बातों का रखें ध्यान?

  • भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉक्टर अतुल गोयल के मुताबिक एमएमपीवी वायरस संक्रमित व्यक्ति या फिर किसी को सर्दी-जुकाम, खांसी है तो सबसे पहले उससे दूरी बनाएं। उसके बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाए।
  • सर्दी-जुकाम, खांसी वाले शख्स को मास्क पहनकर रहने को बोलें।
  • खांसते-छींकते वक्त मुंह पर रुमाल या मास्क लगाएं।
  • हाथ को बार-बार साबुन से धोए और अपने चेहरों को ना छुए।
  • अगर आपको सर्दी, जुकाम और खांसी है तो मास्क पहनकर रखें और घर पर आराम करें।
  • किसी के साथ एक बर्तन में ना खाएं। अपना बर्तन एक दूसरे के साथ शेयर ना करें।

🔴 Treatment of HMPV: एचएमपीवी का इलााज?

  • एचएमपीवी वायरस के लिए अब तक कोई अलग से एंटी वायरल दवा बनाई गई है। एचएमपीवी के लिए कोई वैक्सीन भी नहीं है।
  • डॉक्टरों का कहना है कि इसके लिए आम तौर पर सर्दी बुखार की ही दवाएं दी जाती हैं।
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