हमें कोविड वॉरियर्स कहा गया, फूल बरसाए पर सैलरी नहीं दी जा रही, हिंदू राव के हड़ताली डॉक्टर
नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 72 लाख के पार पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली भी कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित है। इस बीच हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक एमसीडी उनकी सैलरी नहीं दे देती है, तब तक वो काम पर नहीं लौटेंगे। इसके अलावा डॉक्टरों ने एमसीडी और सरकार पर जमकर निशाना साधा।

हिंदू राव अस्पताल में हड़ताल कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें चार महीने से सैलरी नहीं मिली है, जिस वजह से मजबूरन उन्हें कामकाज बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार हमें कोरोना वॉरियर्स कहती है। हमारे ऊपर फूल बरसाए जाते हैं, लेकिन हमें ही सैलरी नहीं मिलती। ये (सैलरी) हमारा अधिकार है, जिसे हमें नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि वो बिना सैलरी आए काम पर नहीं लौटेंगे।
क्या कह रहे जिम्मेदार?
मामले में नॉर्थ एमसीडी के मेयर जय प्रकाश ने कहा था कि वो अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू राव और कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डॉक्टरों से बात की है। साथ ही उसने 10 दिन का वक्त भी मांगा है, ताकी फंड की व्यवस्था की जा सके। उनके मुताबिक हाल ही में पेंशनर्स का पैसा दिया गया था, जैसे-जैसे उनके पास फंड की व्यवस्था हो रही है, वो लगातार सबकी सैलरी देते जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक हफ्ते के अंदर दोनों अस्पतालों के स्टॉप को सैलरी दे दी जाएगी।
कस्तूरबा अस्पताल के डॉक्टरों ने दी चेतावनी
कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डॉक्टरों ने 20 अक्टूबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। वो लंबे वक्त से सैलरी नहीं मिलने से परेशान हैं। उन्होंने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि अगर उनकी सैलरी जल्द नहीं आती है, तो वो 20 तारीख से हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे कोविड-19 मरीजों को समस्या हो सकती है।












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