हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फ का सूखा, जनवरी में दिख रहे जून के दृश्य
मौसम के इस बदलाव का एक तरफ तो हिमाचल में सेब की फसल पर बुरा असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह का ट्रेंड जारी रहने पर गर्मियों के मौसम में पानी की भी कमी हो सकती है।
नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में इन सर्दियों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड का मौसम अब तकरीबन गुजरने की ओर है लेकिन नॉर्थ के दो बड़े हिल स्टेशन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फ का सूखा लगातार जारी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस मौसम में अभी तक बर्फ नहीं गिरी है। मौसम के इस बदलाव का एक तरफ तो हिमाचल में सेब की फसल पर बुरा असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह का ट्रेंड जारी रहने पर गर्मियों के मौसम में पानी की भी कमी हो सकती है।

दोनों सूबों में ना बर्फबारी ना ही बारिश
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी तो हुई ही नहीं है, बारिश से भी दोनों सूबे अछूते हैं। उत्तराखंड में जनवरी में अबी तक 100 फीसदी बारिश की कमी देखी गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में यह 99 फीसदी है। उत्तरी मैदानी इलाकों में भी जनवरी महीने तक बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग ने अगले 5-6 दिनों में भी बारिश की किसी संभावना से इंकार किया है।

दिसंबर के दूसरे हफ्ते में हुई थी बारिश और बर्फबारी
सर्दी के इस मौसम में दिसंबर के दूसरे हफ्ते में (11-12 दिसंबर को) मैदानी इलाकों में में बारिश हुई थी और हिमालय के ऊपरी भागों में बर्फबारी भी देखी गई। इसके बाद से लगातार सूखा ही रहा है। इस बार की सर्दियों में बर्फबारी कश्मीर के कुछ हिस्सों और हिमालय के ऊपरी इलाकों में ही देखी गई है। उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम में इस बदलाव को मौसम विज्ञानी अच्छा संकेत नहीं कर रहे हैं।

जनवरी में जून जैसे दृश्य
इस मौसम में हिमाचल के जो हिस्से बर्फ से ढके रहते थे, वहां जून जैसे दृश्य देखे जा रहे हैं। जनवरी की महीने में हिमालय की जिन चोटियों पर बर्फ की चादर बिछी रहती हैं, वहां पर इस दफा खालीपन के धब्बे देखे गए हैं। उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर के रास्ते में पड़ने वाले 'ॐ पर्वत' पर भी 'ॐ' की आकृति दिखी है, जो अमूमन जून के महीने में दिखती है। मौसम वैज्ञानिक इसके पीछे ग्लोबल वॉर्मिंग को वजह बता रहे हैं।












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