राजनेता नहीं होते तो क्‍या बनते पीएम मोदी? हिमाचल चुनाव प्रचार के दौरान खुला राज

आने वाले विधानसभा चुनाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश में काफी रैलियां कर रहे हैं। रविवार को कुल्लु-मनाली में बोलते हुए मोदी ने मंच से हिमाचल के ही एक शख्स का अभिवादन किया। ये शख्स और कोई नहीं बल्कि साल 2000 में उन्हें पैराग्लाइडिंग सिखाने वाला ट्रेनर था।

नई दिल्ली। आने वाले विधानसभा चुनाव के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश में काफी रैलियां कर रहे हैं। रविवार को कुल्लु-मनाली में बोलते हुए मोदी ने मंच से हिमाचल के ही एक शख्स का अभिवादन किया। ये शख्स और कोई नहीं बल्कि वहां के एक किसान का बेटा है जिसने मोदी को साल 2000 में पैराग्लाइडिंग सिखाई थी। मोदी ने अपनी रैली में न केवल उस शख्स का नाम लिया, बल्कि उसका अभिवादन भी किया। इसी बीच इस बात से भी पर्दा उठ गया कि अगर मोदी राजनेता नहीं बनते, तो क्या बनते।

PM Narendra Modi

ऑफिस के बहाने पैराग्लाइडिंग करते मोदी

ऑफिस के बहाने पैराग्लाइडिंग करते मोदी

अपनी रैली में बोलते हुए नरेंद्र मोदी ने बताया कि वो पैराग्लाइडिंग सीखने के लिए हिमाचल आया करते थे। उन्हें एडवेंचर स्पोर्ट्स काफी अच्छा लगता था इसलिए हिमाचल में जब भी वो भाजपा ऑफिस आते, तब वो अलग-अलग स्पोर्ट्स ट्राई करते। पैराग्लाइडिंग सीखने के लिए मोदी साल 1996 में पहली बार सोलंग घाटी आए थे। बता दें कि अपनी खूबसूरत घाटियों और पैराग्लाइडिंग ट्रेनर्स के लिए पूरे भारत में मशहूर है।

रैली में स्टेज से लिया मोदी ने ट्रेनर का नाम

रैली में स्टेज से लिया मोदी ने ट्रेनर का नाम

मोदी साल 1997 में जब पहली बार सोलंग घाटी आए थे तो उन्हें रोशन ठाकुर नाम के ट्रेनर ने पैराग्लाइडिंग सिखाई थी। प्रधानमंत्री से अपना जिक्र सुन रोशन ठाकुर को यकीन नहीं हो रहा है। वो उस वक्त रैली में मौजूद थे जब नरेंद्र मोदी ने उनका जिक्र किया। रोशन ने कहा कि वो उन्हें बताना चाहते थे कि वो वहीं हैं, लेकिन स्टेज से दूर होने के कारण उन्होंने ऐसा नहीं किया। रोशन ने बताया कि नरेंद्र मोदी सबसे पहले 1996 में घाटी आए थे।

तीन बार मोदी ने लगाए घाटी के चक्कर

तीन बार मोदी ने लगाए घाटी के चक्कर

इसके एक साल बाद मोदी ने रोशन के साथ अपनी पहली पैराग्लाइडिंग की थी। उन्होंने बताया कि 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले मोदी ने तीन बार घाटी के चक्कर लगाए थे और पैराग्लाइडिंग की थी। बरुआ गांव के निवासी रोशन ने मोदी के बारे में ये भी खुलासा किया कि उन्हें ये बेहद पसंद आया था। मोदी ने रोशन से न केवल पैराग्लाइडिंग सीखी, बल्कि उन्हें गुजरात आने का भी न्योता दिया। इसी के बाद से सपुतारा में हर साल पैराग्लाइडिंग फेस्टिवल मनाया जाता है।

एडवेंचर स्पोर्ट्स से मोदी को है खास लगाव

एडवेंचर स्पोर्ट्स से मोदी को है खास लगाव

मोदी को एडवेंचर स्पोर्ट्स काफी पसंद हैं। अपनी हिमाचल यात्राओं के दौरान उन्होंने न केवल पैराग्लाइडिंग में अपना हाथ आजमाया, बल्कि ट्रेकिंग, जिप लाइनिंग से लेकर रॉक क्लाइबिंग तक की है। मोदी का एडवेंचर प्रेम इसी बात से पता लगता है कि अगर वो राजनेता नहीं होते तो एडवेंचर स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाते। ये बात खुद रोशन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताई थी। मोदी को एडवेंचर स्पोर्ट्स के अलावा फोटोग्राफी का भी काफी शौक है जो उनकी सेल्फी में दिखता है।

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