नोट बैन के खिलाफ याचिका, उच्च न्यायालयों ने किया खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट, चेन्नई हाईकोर्ट के मदुराई बेंच और बेंगलुरू हाईकोर्ट ने 500 और 1000 के नोट बैन के खिलाफ दायर याचिका पर चर्चा के बाद खारिज कर दिया।
बेंगलुरू। 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध के मोदी सरकार के फैसले को लेकर देश के अलग-अलग उच्च न्यायालयों में याचिका दायर की गई थी। इन याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

तीन हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
कालेधन पर शिकंजा कसने और नकली नोट की कालाबाजारी रोकने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 8 नवंबर की आधी रात से देशभर 500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध का ऐलान कर दिया।
इसके साथ ही सरकार ने 500 और 2000 रुपये के नए नोट लाने का ऐलान भी किया, जो धीरे-धीरे लोगों के बीच पहुंच रहा है।
सरकार के अचानक लिए गए इस फैसले के खिलाफ कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की। जिसमें सरकार के लिए इस फैसले पर सवाल उठाए गए थे।
500 और 1000 रुपये के नोट पर प्रतिबंध का मामला
देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में इसको लेकर दायर याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में भी सरकार के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई है।
इस याचिका पर 15 नवंबर को सुनवाई होनी है। इससे पहले ही केंद्र सरकार ने ऐसी याचिका पर सुनवाई को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में केवीट दायर किया है।
इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट, चेन्नई हाईकोर्ट के मदुराई बेंच और बेंगलुरू हाईकोर्ट ने 500 और 1000 के नोट बैन के खिलाफ दायर याचिका पर चर्चा के बाद इन्हें खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 15 नवंबर को होगी सुनवाई
मदुराई बेंच ने याचिका गुरुवार को खारिज की थी। बेंगलुरू हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि राष्ट्र के निर्माण में सरकार का ये प्रयास सराहनीय है, इसे किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता है।
बता दें कि तीनों हाईकोर्ट ने 500 और 1000 रुपये के नोट पर बैन के खिलाफ दायर याचिका में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला लिया। कोर्ट ने इस मामले में दायर याचिका खारिज करने का फैसला लिया।












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